आसनसोल : पश्चिम बर्दवान जिले के आसनसोल शहर में शनिवार को कांग्रेस के झंडे और बैनर हटाए जाने के आरोप को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। राहा लाइन इलाके में बोतल मस्जिद के सामने स्थित कांग्रेस कार्यालय के निकट हुई इस घटना के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने विरोध जताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि कार्यालय के पास लगाए गए पार्टी के झंडे और प्रचार सामग्री को कुछ अज्ञात लोगों ने हटा दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि बैनर और झंडों को नुकसान पहुंचाया गया तथा कुछ सामग्री वहां से ले जाई गई। कांग्रेस ने इस घटना को लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताते हुए इसे सुनियोजित प्रयास करार दिया है।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने नारेबाजी करते हुए दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस नेता प्रसनजीत पूईटुंडी, शाह आलम और फिरोज खान सहित कई कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए। नेताओं ने कहा कि राजनीतिक गतिविधियों के लिए लगाए गए झंडे और बैनर हटाना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर नहीं होगा और पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहेगी।
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने राजनीतिक कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए पार्टी चिह्नों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि इस प्रकार की घटनाओं का उद्देश्य राजनीतिक दबाव बनाना हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी किसी भी प्रकार के दबाव या डर के सामने झुकने वाली नहीं है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
घटना के बाद इलाके में राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इस मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से आधिकारिक रूप से किसी कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय राजनीति को प्रभावित कर सकती हैं। अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।
फिलहाल कांग्रेस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग दोहराई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक वातावरण बनाए रखने के लिए ऐसी घटनाओं पर तुरंत रोक लगाना आवश्यक है। वहीं प्रशासन की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


















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