

आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले के देन्दुआ मोड़ पर मंगलवार रात्रि एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना के पश्चात जनाक्रोश फूट पड़ा। ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के एक भारी डंपर द्वारा एक स्थानीय युवक को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर देने की घटना से क्षुब्ध ग्रामीणों ने चित्तरंजन-आसनसोल मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दो घंटे तक उग्र प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों की मांग थी कि भारी वाहनों की आवाजाही पर निर्धारित समयावधि में प्रतिबंध लागू किया जाए और ‘नो एंट्री’ नियम का कड़ाई से पालन कराया जाए। घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, जिसमें कुल्टी ट्रैफिक थाना और सालानपुर थाना के अधिकारी भी शामिल थे।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले भी देन्दुआ मोड़ पर इसी प्रकार की दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, किंतु ईसीएल प्रबंधन और प्रशासन द्वारा प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि आगामी शुक्रवार को प्रस्तावित बैठक में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अनिश्चितकालीन सड़क अवरोध पर बैठेंगे।
दूसरी ओर, आसनसोल–दुर्गापुर औद्योगिक पट्टी में वायु प्रदूषण की समस्या भी लगातार गंभीर होती जा रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में आसनसोल का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बढ़कर 157 तक पहुंच गया है, जो ‘खतरनाक’ श्रेणी में आता है।

जामुड़िया, मंगलबाजार, देन्दुआ और कालिपहाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में इस वृद्धि का कारण अव्यवस्थित कोयला दहन, निर्माण गतिविधियों से उत्पन्न धूल कण, औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला धुआं और अपशिष्ट जल प्रबंधन की कमी को बताया गया है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 12 औद्योगिक इकाइयों पर जुर्माना भी लगाया गया है। जिला प्रशासन ने सभी फैक्ट्रियों को उनके परिसर में 33% हरितावरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

स्थानीय अस्पतालों में सांस, त्वचा और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों में तीव्र वृद्धि देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण की यह दर स्वास्थ्य संकट में बदल रही है।
जनता अब एक ओर औद्योगिक लापरवाही से उपजी दुर्घटनाओं से त्रस्त है, तो दूसरी ओर पर्यावरणीय विनाश के भयावह परिणाम झेल रही है। स्थायी समाधान की मांग अब जनआंदोलन का रूप ले रही है।














Users Today : 9
Users Yesterday : 26