आसनसोल : आसनसोल नगर निगम (एएमसी) के पूर्व कार्यकाल को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी. शिवदासन दासू ने पूर्व नगर निगम बोर्ड के कार्यकाल में विकास योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनके आरोपों ने जिले की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान दासू ने कहा कि वर्ष 2022 से नगर निगम के प्रशासनिक कार्यों के संचालन के दौरान अनेक विकास परियोजनाओं में पारदर्शिता का अभाव दिखाई दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भवन निर्माण के नक्शों की स्वीकृति, सड़क निर्माण, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा अन्य नागरिक परियोजनाओं में कथित रूप से व्यापक अनियमितताएं हुईं, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका उत्पन्न हुई। उनका कहना था कि यदि इन मामलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के कार्यों को लेकर आम जनता में असंतोष बढ़ा और इसका राजनीतिक प्रभाव भी देखने को मिला। उनके अनुसार, कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक विसंगतियों के कारण तृणमूल कांग्रेस को नगर निगम क्षेत्र की विधानसभा सीटों पर राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने कहा कि समय रहते यदि संगठन ने शिकायतों को गंभीरता से लिया होता तो ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।
वी. शिवदासन दासू ने यह भी कहा कि उन्होंने अतीत में सार्वजनिक रूप से कुछ नेताओं की कार्यशैली पर प्रश्न उठाए थे तथा संगठन के शीर्ष नेतृत्व को संभावित अनियमितताओं से अवगत कराया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी चेतावनियों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसका परिणाम पार्टी को राजनीतिक रूप से भुगतना पड़ा।
उन्होंने मांग की कि उस समय के महापौर, उपमहापौर तथा नगर निगम के अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी स्तर पर वित्तीय अथवा प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो संबंधित व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
दासू ने बताया कि उन्होंने इस विषय को लेकर राज्य की नगर विकास एवं नगर मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल से भी मुलाकात की है। उन्होंने मंत्री से आग्रह किया कि नगर निगम के पूर्व कार्यकाल से जुड़े सभी विकास कार्यों, निविदाओं तथा प्रशासनिक निर्णयों की विस्तृत जांच कराई जाए, ताकि जनता के समक्ष तथ्य स्पष्ट हो सकें।
उल्लेखनीय है कि हाल के दिनों में जिले की राजनीतिक परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। इसी बीच लगाए गए इन आरोपों ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक दासू द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पूर्व पदाधिकारियों अथवा तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इन आरोपों की औपचारिक जांच होती है, तो उसके निष्कर्ष न केवल नगर निगम प्रशासन बल्कि जिले की आगामी राजनीतिक दिशा पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।


















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