आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिला बार एसोसिएशन ने न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं पर हुए कथित हमले तथा कुछ वकीलों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी के विरोध में बुधवार, 22 जुलाई को आसनसोल न्यायालय के समस्त न्यायिक कार्यों के पूर्ण बहिष्कार की घोषणा की है। एसोसिएशन का कहना है कि जब तक अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाती और उनके विरुद्ध दर्ज कथित झूठे मामलों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मंगलवार को आयोजित बार एसोसिएशन की असाधारण आम सभा में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिवक्ताओं ने हालिया घटनाक्रम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। इसके साथ ही बुधवार को न्यायालय की कार्यवाही से दूर रहने का निर्णय लिया गया।
इससे पहले मामले को सुलझाने के प्रयास भी किए गए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने प्रशासनिक अधिकारियों तथा बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर विवाद का समाधान निकालने का प्रयास किया। न्यायालय प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर सामान्य स्थिति बहाल करने की पहल की गई, किंतु बार एसोसिएशन की बैठक में संतोषजनक समाधान नहीं निकलने के बाद आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया गया।
बार एसोसिएशन के सचिव वानी कुमार मंडल द्वारा जिला न्यायाधीश को प्रेषित पत्र में उल्लेख किया गया है कि 19 जुलाई को पारित प्रस्ताव के आधार पर अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद 21 जुलाई को आयोजित विशेष आम सभा में वर्तमान परिस्थितियों की समीक्षा की गई। बैठक में सदस्यों ने न्यायिक कार्यों के बहिष्कार के पक्ष में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए बुधवार को सभी अदालतों में कार्य से विरत रहने की घोषणा की।
बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अयान रंजन मुखर्जी, उपाध्यक्ष अभिजीत रॉय (बापी), सनातन धारा, सचिव वानी कुमार मंडल, सहायक सचिव सुप्रिया हाजरा, धीरेन कुमार चौधरी, कोषाध्यक्ष कृष्णेंदु खान, ऑडिटर अनिंदिता मुखोपाध्याय (रायमा) तथा कार्यकारी समिति के सदस्य अभय गिरी, अनुप मुखर्जी, अनिमेष कुमार सिन्हा, अंतरा मुखर्जी सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।
बार एसोसिएशन के सचिव ने कहा कि अधिवक्ताओं की सुरक्षा न्यायिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है। यदि अधिवक्ता स्वयं सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे तो न्यायिक प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि संगठन की प्रमुख मांग अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा दर्ज मामलों की निष्पक्ष समीक्षा करना है।
बार एसोसिएशन के निर्णय के कारण बुधवार को आसनसोल न्यायालय में नियमित न्यायिक कार्य प्रभावित होने की संभावना है। विभिन्न मामलों की सुनवाई, वादों की पैरवी तथा अन्य न्यायिक प्रक्रियाओं पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि आपातकालीन मामलों को लेकर न्यायालय प्रशासन द्वारा क्या व्यवस्था की जाएगी, इस संबंध में आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
फिलहाल अधिवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मांगों पर ठोस और संतोषजनक कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। अब सभी की निगाहें प्रशासन और न्यायालय के अगले कदम पर टिकी हैं, जिससे इस गतिरोध का शीघ्र समाधान निकल सके।

















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