जामुड़िया : औद्योगिक क्षेत्र स्थित तपसी साइडिंग में बकाया भुगतान को लेकर डंपर मालिकों और चालकों का विरोध सोमवार को भी चर्चा का विषय बना रहा। पिछले दो माह से परिवहन कार्य से संबंधित भुगतान लंबित होने का आरोप लगाते हुए डंपर मालिकों ने रविवार को वाहनों का परिचालन रोक दिया था। इसके बाद साइडिंग से कोयला और अन्य कच्चे माल की ढुलाई प्रभावित हो गई है।

डंपर मालिकों और चालकों का कहना है कि लगातार दो माह से वाहनों के चालान का भुगतान नहीं किया गया। भुगतान के लिए संबंधित ट्रांसपोर्टर से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उनका दावा है कि लंबे समय से राशि अटकी होने के कारण परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
खर्च बढ़ा, भुगतान अटका तो संचालन मुश्किल
प्रदर्शनकारियों के अनुसार डंपर संचालन में नियमित खर्च लगातार जारी रहता है। चालकों और सहायकों का वेतन, ईंधन, वाहन की मरम्मत, बीमा, बैंक की किस्त और अन्य परिचालन खर्च समय पर चुकाना पड़ता है। ऐसे में यदि परिवहन कार्य का भुगतान समय पर नहीं मिले तो वाहन चलाना आर्थिक रूप से कठिन हो जाता है।
डंपर मालिकों ने कहा कि वे किसी विवाद को बढ़ाना नहीं चाहते, लेकिन बकाया राशि का भुगतान किए बिना परिवहन कार्य जारी रखना उनके लिए संभव नहीं है। इसी कारण सभी संबंधित वाहनों का परिचालन रोकने का निर्णय लिया गया।
चालकों ने भी जताई नाराजगी
आंदोलन में शामिल वाहन चालकों ने कहा कि भुगतान में देरी का सीधा असर उनकी रोजमर्रा की आजीविका पर पड़ रहा है। नियमित आय प्रभावित होने से परिवार चलाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने मांग की कि बकाया राशि का शीघ्र भुगतान कराया जाए, ताकि परिवहन व्यवस्था सामान्य हो सके।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भुगतान संबंधी समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक तपसी साइडिंग से परिवहन कार्य शुरू करने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

उद्योगों पर पड़ सकता है असर
तपसी साइडिंग से कोयला और अन्य कच्चे माल की ढुलाई विभिन्न औद्योगिक इकाइयों तक की जाती है। परिवहन बंद होने के कारण सामग्री की आवाजाही प्रभावित हुई है। यदि गतिरोध लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका प्रभाव औद्योगिक इकाइयों की कच्चे माल की उपलब्धता पर पड़ सकता है।
डंपर मालिकों का कहना है कि फिलहाल उनका आंदोलन भुगतान से जुड़े विवाद तक सीमित है, लेकिन यदि समय रहते समाधान नहीं निकला तो औद्योगिक गतिविधियों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन ट्रांसपोर्टर और डंपर मालिकों के बीच वार्ता कराकर बकाया भुगतान का रास्ता निकाले।
उनकी प्राथमिक मांग है कि लंबित राशि का भुगतान सुनिश्चित हो और इसके बाद परिवहन कार्य सुचारु रूप से बहाल किया जाए।
फिलहाल तपसी साइडिंग में परिवहन व्यवस्था प्रभावित है। अब सबकी नजर संभावित वार्ता और समाधान पर टिकी है। यदि दोनों पक्षों के बीच जल्द सहमति बनती है तो कोयला और कच्चे माल की ढुलाई पुनः शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, गतिरोध लंबा खिंचने पर औद्योगिक आपूर्ति और उत्पादन गतिविधियों पर असर बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।














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