आसनसोल : स्थानीय उद्योगों और उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में मंगलवार को आसनसोल के रवींद्र भवन में निर्यात संवर्धन पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को वैश्विक बाजार के अनुरूप तैयार करने, स्थानीय उत्पादन को प्रोत्साहित करने और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विस्तार से चर्चा हुई।

संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के उद्यमियों को निर्यात की संभावनाओं, बाजार की आवश्यकताओं और सरकारी सहायता से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराना रहा। वक्ताओं ने कहा कि स्थानीय स्तर पर निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों को यदि सही बाजार और उचित विपणन व्यवस्था मिले तो आसनसोल-दुर्गापुर औद्योगिक क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।

आत्मनिर्भरता से वैश्विक बाजार तक
कार्यक्रम में वक्ताओं ने आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को स्थानीय उद्योगों के विकास से जोड़ते हुए कहा कि केवल घरेलू बाजार तक सीमित रहने के बजाय उद्यमियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग को समझना होगा। इसके लिए उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, प्रमाणन, मूल्य निर्धारण और समय पर आपूर्ति जैसे पहलुओं पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।
संगोष्ठी में ‘स्थानीय से वैश्विक’ की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए उद्यमियों को निर्यात प्रक्रिया की व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
उद्यमियों को मिली निर्यात प्रक्रिया की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने निर्यात से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा की। उद्यमियों को वित्तीय सहायता, निर्यात दस्तावेज, अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग, विपणन रणनीति तथा विदेशी खरीदारों तक पहुंच बनाने के तरीकों के बारे में बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सूक्ष्म और लघु उद्योगों के लिए वित्तीय संसाधन और बाजार तक पहुंच सबसे महत्वपूर्ण चुनौतियों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में उचित मार्गदर्शन मिलने पर छोटे उद्यम भी बड़े बाजार में अपनी जगह बना सकते हैं।

जनप्रतिनिधि और उद्योग जगत की भागीदारी
संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी और पूर्व सांसद एस.एस. अहलूवालिया सहित उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि, उद्यमी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि मजबूत औद्योगिक आधार तैयार करने के लिए सरकार, उद्योग और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। स्थानीय उद्योगों को तकनीक, वित्त, बाजार और प्रशिक्षण की सुविधा मिलने पर क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
रोजगार सृजन पर भी जोर
संगोष्ठी में यह भी चर्चा हुई कि निर्यात बढ़ने से उत्पादन में विस्तार होगा और इसके साथ प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। स्थानीय युवाओं को उद्योगों से जोड़ने और उन्हें आवश्यक कौशल प्रदान करने की दिशा में भी पहल की आवश्यकता बताई गई।
उद्यमियों ने कहा कि ऐसे आयोजन उन्हें बदलते वैश्विक बाजार की आवश्यकताओं को समझने में मदद करते हैं। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि ‘स्थानीय के लिए मुखर’ की भावना को अब ‘स्थानीय से वैश्विक’ की दिशा में आगे बढ़ाना होगा, ताकि आसनसोल के उत्पाद देश की सीमाओं से बाहर भी अपनी पहचान बना सकें।














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