कुल्टी : रामपुर एमवीआई जांच चौकी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के मामले की जांच अब लगातार आगे बढ़ रही है। मामले में कुल्टी थाना पुलिस ने गुरुवार को एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए चलबलपुर गांव में छापेमारी की। पुलिस ने कथित बिचौलिए बबलू भंडारी के घर की कई घंटे तक तलाशी ली। तलाशी के दौरान करीब पांच लाख रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण डायरियां बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुल्टी के सहायक पुलिस आयुक्त जावेद हुसैन के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की टीम चलबलपुर गांव पहुंची। यह क्षेत्र कुल्टी थाना अंतर्गत चौरंगी पुलिस चौकी के अधीन आता है। पुलिस टीम ने बबलू भंडारी के आवास को घेरकर तलाशी अभियान शुरू किया। जांच के दौरान घर के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली गई और कथित तौर पर नकदी, मोबाइल फोन तथा दस्तावेज बरामद किए गए।
तलाशी अभियान पूरा होने के बाद पुलिस ने बबलू भंडारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब बरामद सामग्री को जांच का अहम हिस्सा मानकर आगे की पड़ताल कर रही है।
नकदी और डायरियों से खुल सकते हैं राज
जांच अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि बरामद नकदी, मोबाइल फोन और डायरियों से कथित अवैध वित्तीय लेन-देन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। पुलिस विशेष रूप से डायरियों में दर्ज नाम, लेन-देन और अन्य विवरणों की जांच कर रही है।
वहीं, बरामद दोनों मोबाइल फोन से प्राप्त डिजिटल जानकारी की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और एमवीआई जांच चौकी से जुड़े कथित लेन-देन में उसकी क्या भूमिका थी।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारियां
रामपुर एमवीआई मामले में इससे पहले दो एमवीआई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित कथित ‘मामा होटल’ के संचालक अभिजीत घोष को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
लगातार हो रही गिरफ्तारियों और छापेमारी के बाद मामले की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित भ्रष्टाचार और अवैध वसूली की गतिविधियों में और कितने लोग शामिल थे।
जांच का दायरा बढ़ने की संभावना
बबलू भंडारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। बरामद दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच के आधार पर पुलिस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेगी।
रामपुर एमवीआई जांच चौकी से जुड़े इस मामले में लगातार सामने आ रही कार्रवाई ने पूरे शिल्पांचल में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका को अंतिम रूप से दोषी नहीं मान रही है।
फिलहाल पुलिस का मुख्य ध्यान बरामद पांच लाख रुपये के स्रोत, डायरियों में दर्ज विवरण और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी पर है। जांच आगे बढ़ने के साथ यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित भ्रष्टाचार का नेटवर्क कितना व्यापक था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।
















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