आसनसोल : अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को आसनसोल के रवींद्र भवन में आदिवासी समुदाय के अधिकार, विकास और सामाजिक सशक्तीकरण को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। अखिल भारतीय आदिवासी समन्वय समिति की ओर से आयोजित समारोह में राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। कार्यक्रम में अखिल भारतीय आदिवासी महिला समिति के पदाधिकारी, सदस्य तथा समुदाय से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
समारोह का उद्देश्य आदिवासी समाज के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को लेकर जागरूकता बढ़ाना तथा समुदाय के अधिकारों और भविष्य से जुड़े विषयों पर चर्चा करना रहा। कार्यक्रम में वक्ताओं ने आदिवासी समाज के विकास के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचाने पर जोर दिया।
योजनाओं और विकास कार्यों का किया उल्लेख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री अग्निमित्रा पाल ने आदिवासी समुदाय के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम किए जाने की आवश्यकता है।
मंत्री ने कहा कि आदिवासी समुदाय के विकास का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि योजनाओं का वास्तविक लाभ गांवों और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने समुदाय के लोगों से भी सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
पूर्व सरकार पर लगाए राजनीतिक आरोप
अपने संबोधन के दौरान अग्निमित्रा पाल ने पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार को लेकर राजनीतिक आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती शासन में आदिवासी समुदाय के हितों की पर्याप्त अनदेखी हुई और समुदाय का उपयोग केवल राजनीतिक समर्थन हासिल करने के लिए किया गया।
हालांकि, ये आरोप मंत्री के राजनीतिक वक्तव्य का हिस्सा हैं। संबंधित पक्ष की ओर से इस कार्यक्रम के दौरान कोई प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं रही।
केंद्र और राज्य सरकार के काम का किया दावा
मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की ओर से आदिवासी समाज के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में आदिवासी समाज से जुड़े विषयों पर कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। मंत्री के अनुसार, आने वाले समय में इन पहलों के माध्यम से आदिवासी समुदाय के विकास को और गति देने का प्रयास किया जाएगा।
विकास के साथ अधिकारों की जागरूकता जरूरी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज के समग्र विकास के लिए सरकारी योजनाओं के साथ शिक्षा और अधिकारों की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। समुदाय के युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
आयोजकों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के अधिकारों, परंपराओं, संस्कृति और विकास की दिशा पर विचार करने का दिन है।
रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों और महिला समिति के सदस्यों की मौजूदगी रही। वक्ताओं ने सामाजिक सम्मान, समान अवसर और विकास के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का आह्वान किया। समारोह का संदेश रहा कि आदिवासी समुदाय की प्रगति के लिए योजनाओं के साथ उनकी भागीदारी और अधिकारों के प्रति जागरूकता भी उतनी ही जरूरी है।
















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