आसनसोल : जीटी रोड स्थित महाबीर स्थान मंदिर परिसर में सार्वजनिक दुर्गापूजा महाबीर अखाड़ा समिति ने अपने गौरवशाली शताब्दी वर्ष का शुभारंभ शुक्रवार को धार्मिक आस्था और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में किया। वर्ष 1927 से 2026 तक की यात्रा पूरी करने वाली समिति के लिए यह अवसर ऐतिहासिक रहा। आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान के साथ राष्ट्रीय एकता और देशप्रेम का संदेश भी दिया गया।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ खूंटी पूजन
शताब्दी वर्ष के प्रथम दिन सुबह करीब 9.30 बजे वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और धार्मिक विधि-विधान के बीच खूंटी पूजन संपन्न हुआ। समिति के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु अनुष्ठान में शामिल हुए। पुरोहितों ने मां दुर्गा और भगवान महावीर से शताब्दी वर्ष के सभी आयोजन निर्विघ्न और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की प्रार्थना की।
पूजा के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल रहा। समिति सदस्यों ने बताया कि शताब्दी वर्ष केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम भी पूरे वर्ष आयोजित किए जाएंगे।
तिरंगा यात्रा ने दिया एकता का संदेश
खूंटी पूजन के बाद सुबह करीब 11.30 बजे ‘एक कदम देश के नाम, एक कदम धर्म के साथ’ संदेश के साथ तिरंगा यात्रा निकाली गई। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज और माथे पर केसरिया पट्टी बांधे युवाओं के साथ महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी यात्रा में शामिल हुए।
मंदिर के सामने से शुरू हुई यात्रा जीटी रोड, ट्रैफिक मोड़ और हटन रोड मोड़ होते हुए पुन: जीटी रोड के रास्ते मंदिर के सामने पहुंचकर समाप्त हुई। यात्रा के दौरान ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ और ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से वातावरण गुंजायमान रहा।
तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों ने धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रप्रेम और सामाजिक एकता का संदेश दिया। मार्ग में स्थानीय लोगों ने भी यात्रा के प्रति उत्साह प्रदर्शित किया।
सेवा और संस्कृति का शताब्दी सफर
समिति की स्थापना वर्ष 1927 में हुई थी। पदाधिकारियों के अनुसार, बीते सौ वर्षों में संस्था ने धार्मिक गतिविधियों के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। शताब्दी वर्ष के दौरान वर्षभर धार्मिक अनुष्ठान, सामाजिक सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
समिति अध्यक्ष सोमनाथ गोराई ने कहा कि सौ वर्षों की यात्रा केवल पूजा-पर्व की परंपरा नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता का भी इतिहास है। समिति धर्म और राष्ट्रभक्ति को साथ लेकर आगे बढ़ने का प्रयास करेगी।
सचिव अरविंद साव ने श्रद्धालुओं से शताब्दी वर्ष के सभी कार्यक्रमों में परिवार सहित भाग लेने का आग्रह किया।

पदाधिकारी और सदस्य रहे सक्रिय
आयोजन में अध्यक्ष सोमनाथ गोराई, उपाध्यक्ष रविंद्र पंसारी, सचिव अरविंद साव, कोषाध्यक्ष विवेक वर्णवाल, सह सचिव दीपक गुप्ता सहित समिति के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रहे। महिला सदस्यों में कृष्णा सिंह, कौशिका उपाध्याय, अनुपमा वर्णवाल, संध्या साव, निशा बरनवाल, बिनीता साव, किरण सिंह, श्वेता साव, पूनम कनोई, बबीता गुप्ता, प्रतिभा बारुई और कोमल सोनी सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा युवा नेता कृष्णा प्रसाद तथा वरिष्ठ नेता शंकर चौधरी भी उपस्थित रहे। शताब्दी वर्ष का पहला आयोजन धार्मिक श्रद्धा, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम के संदेश के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।















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