आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र के इस्माइल स्थित सहयोगी नगर में बुधवार को मंदिर के सामने जमीन को लेकर विवाद ने अचानक तूल पकड़ लिया। जमीन पर कथित कब्जे की कोशिश के आरोप को लेकर स्थानीय लोगों ने भाजपा की आसनसोल सांगठनिक जिला महासचिव काकली घोष के खिलाफ विरोध जताया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और दोनों पक्षों के बीच कहासुनी की स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।
मंदिर के सामने जमीन को लेकर विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, सहयोगी नगर में मंदिर के सामने स्थित जमीन को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही है। लोगों का दावा है कि उक्त भूमि किसी निजी व्यक्ति की है और उसे मंदिर समिति को सौंपे जाने की बात कही जा रही है। इसी भूमि के उपयोग को लेकर बुधवार को विवाद उत्पन्न हुआ।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जमीन पर कब्जे की कोशिश की जा रही थी। इसकी जानकारी मिलने के बाद कई लोग मौके पर एकत्रित हो गए। लोगों ने भाजपा नेत्री काकली घोष से इस संबंध में सवाल किए। बातचीत के दौरान स्थिति गर्म हो गई और स्थानीय लोगों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
हालांकि, जमीन के स्वामित्व अथवा कथित कब्जे से जुड़े स्थानीय लोगों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही हीरापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और लोगों को शांत रहने की अपील की। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति को आगे बिगड़ने से रोका गया।
पुलिस के स्तर से जमीन से संबंधित दस्तावेजों और पूरे घटनाक्रम की जांच किए जाने की बात सामने आई है। वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए भूमि के स्वामित्व, उसके उपयोग और मंदिर समिति से जुड़े दावों की जांच महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्थानीय लोगों ने विधायक को दी जानकारी
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने आसनसोल दक्षिण की विधायक तथा राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल को फोन के माध्यम से पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। स्थानीय निवासियों ने जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच कराने और वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की।
लोगों का कहना है कि उनका विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि जमीन के कथित उपयोग और कब्जे के प्रयास को लेकर है। उनका आग्रह है कि प्रशासन दस्तावेजों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करे।
काकली घोष ने आरोपों से किया इनकार
दूसरी ओर, भाजपा की आसनसोल सांगठनिक जिला महासचिव काकली घोष ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने जमीन पर कब्जे की कोशिश के आरोप को गलत बताया है। उनके इनकार के बाद मामला आरोप और प्रत्यारोप के बीच पहुंच गया है।
ऐसे में प्रशासनिक जांच और उपलब्ध दस्तावेज ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राजनीतिक चर्चा भी तेज
जमीन विवाद में भाजपा नेत्री का नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक चर्चा भी तेज हो गई है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका मुख्य मुद्दा जमीन का स्वामित्व और उसका उपयोग है।
फिलहाल पुलिस के हस्तक्षेप के बाद तत्काल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में विवाद को लेकर लोगों की नाराजगी बनी हुई है। प्रशासन के सामने अब सबसे अहम चुनौती जमीन से जुड़े सभी दावों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि भूमि वास्तव में मंदिर समिति को दी गई है तो उससे संबंधित दस्तावेज सामने आने के बाद स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है। वहीं, भाजपा नेत्री के आरोपों से इनकार करने के कारण दोनों पक्षों के दावों की जांच आवश्यक हो गई है।
बुधवार की घटना के बाद सहयोगी नगर में पुलिस की सतर्कता बढ़ा दी गई है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जांच में जमीन के स्वामित्व और विवाद की वास्तविक वजह को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।

















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