आसनसोल : लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण मैथन और पंचेत जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने लगी है। दोनों जलाशयों का जलस्तर खतरे के निर्धारित स्तर के करीब पहुंचने की जानकारी सामने आने के बाद धनबाद से लेकर आसनसोल और आसपास के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बारिश जारी रहने की स्थिति में जलस्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मैथन जलाशय का वर्तमान जलस्तर करीब 485 फीट दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का स्तर 495 फीट बताया गया है। इसी तरह पंचेत जलाशय में पानी का स्तर करीब 415 फीट पहुंच गया है और निर्धारित खतरे का स्तर 425 फीट बताया गया है। दोनों जलाशयों में जलस्तर और संबंधित सीमा के बीच करीब 10 फीट का अंतर बताया जा रहा है।
जलाशयों पर निगरानी बढ़ी
लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए दामोदर घाटी निगम तथा केंद्रीय जल आयोग की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जलाशयों में पानी का दबाव नियंत्रित रखने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं के माध्यम से नियंत्रित तरीके से पानी निकासी की जा रही है। अधिकारियों की निगाह जलाशयों में पानी की आवक, जलस्तर और मौसम की स्थिति पर बनी हुई है।
लगातार बारिश के कारण जलाशयों में पानी पहुंचने की गति बढ़ती है तो निकासी की मात्रा भी परिस्थितियों के अनुरूप बढ़ाई जा सकती है। ऐसे में निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
बराकर और दामोदर नदी को लेकर चिंता
जलाशयों से पानी छोड़े जाने का असर बराकर और दामोदर नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है। नदी में पहले से बारिश का पानी होने के कारण अतिरिक्त जल प्रवाह से किनारे बसे इलाकों में जलस्तर बढ़ने की आशंका बनी हुई है। इसे देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासन की ओर से लोगों से नदी, जलाशयों तथा तेज बहाव वाले स्थानों के आसपास नहीं जाने की अपील की गई है। विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को जलमग्न क्षेत्रों तथा नदी के किनारे जाने से रोकने को कहा गया है। लोगों से किसी भी तरह की अपुष्ट सूचना या अफवाह पर विश्वास नहीं करने और आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
बारिश जारी रही तो बढ़ सकती है चुनौती
मौसम की स्थिति को देखते हुए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता लगातार बारिश को लेकर है। यदि अगले कुछ समय तक वर्षा का दौर इसी तरह जारी रहता है तो जलाशयों में पानी की आवक बढ़ सकती है और इसका सीधा प्रभाव नदियों के जलस्तर पर पड़ सकता है।
धनबाद, आसनसोल और आसपास के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग इसलिए स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं।
फिलहाल किसी भी आपात स्थिति की आशंका में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। बारिश की तीव्रता और जलाशयों के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर अब पूरे क्षेत्र की निगाह टिकी हुई है।

















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