

आसनसोल : पश्चिम बर्धमान जिले में माध्यमिक परीक्षा के परिणाम शुक्रवार को औपचारिक रूप से घोषित किए गए, जिसमें जिले के विद्यार्थियों ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन तो किया, परंतु राज्य स्तरीय शीर्ष 10 मেধावी सूची में इस बार भी स्थान नहीं बना सके। विगत कई वर्षों से जिले के किसी भी विद्यालय के छात्र-छात्राएँ राज्य की शीर्ष मर्तबा सूची में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करा पा रहे हैं, जो एक चिंताजनक संकेत है।हालांकि जिले में आसनसोल स्थित ‘रामकृष्ण मिशन विद्यालय’ ने इस बार भी अपनी शैक्षणिक श्रेष्ठता को कायम रखते हुए श्रेष्ठतम प्रदर्शन किया।

पश्चिम बर्धमान जिले की शीर्ष 10 जिला स्तरीय सूची में कुल 18 छात्र-छात्राएँ स्थान प्राप्त कर सके, जिनमें से 10 अकेले रामकृष्ण मिशन विद्यालय के हैं।इस सूची में 684 अंकों के साथ संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया है – रामकृष्ण मिशन विद्यालय के अभ्र राय और सौमिक दे ने। इनके बाद 681 अंकों के साथ ध्रुवज्योति हाजरा, 680 पर मानकर गर्ल्स हाईस्कूल की सुहाना लाहा, 679 पर आर्य घोष, 678 पर राजदीप पात्र, नीलार्घ्य सान्धुखा, एवं दुर्गापुर आरईसी मॉडल स्कूल की जागृति अधिकारी का नाम शामिल है।

इसके अतिरिक्त उमोरानी गड़ाई महिला विद्यालय की थैबी मुखोपाध्याय ने 674 अंक प्राप्त कर विद्यालय में सर्वोच्च स्थान अर्जित किया, जबकि दुर्गापुर विद्यासागर पब्लिक स्कूल के प्रतीम मंडल ने भी समान अंक प्राप्त किए। अन्य उल्लेखनीय छात्र-छात्राओं में प्रियम केश (674), अनीक बंद्योपाध्याय (673), उत्सव हाजरा एवं शेख साफी अली (671) और अर्णेश विश्वास (671) का नाम प्रमुख है।जिले के प्रमुख विद्यालयों का प्रदर्शन कुछ इस प्रकार रहा:रामकृष्ण मिशन, आसनसोल: 92 में 92 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 684 अंक।उमोरानी गड़ाई महिला विद्यालय: 191 में 189 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 674।ईस्टर्न रेलवे बॉयज हाईस्कूल: 66 में 66 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 633।सेंट मैरी गॉरेट्टी गर्ल्स स्कूल: 490 में 470 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 609।गुरुनानक मिशन हाईस्कूल: 95 में 94 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 568।जवाहरमल जलान हाईस्कूल: 48 में 29 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 343।चित्तरंजन इंग्लिश मीडियम स्कूल: 74 में 74 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 634।शांतिनगर विद्यालय: 80 में 68 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 548।गौरांडी आरकेएस इंस्टिट्यूशन (बाराबनी): 387 में 260 उत्तीर्ण, सर्वाधिक – 577।जहाँ रामकृष्ण मिशन विद्यालय जिले का मान कायम रखने में सफल रहा, वहीं जिले के शेष विद्यालयों को राज्य स्तरीय प्रतिस्पर्धा में अपनी गुणवत्ता और मार्गदर्शन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।















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