पांडवेश्वर में बारिश के बाद धंसान, महिला बाल-बाल बची, पुराने खदान क्षेत्र में बढ़ा खतरा

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पांडवेश्वर :  रातभर हुई तेज बारिश के बाद पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के हरिपुर इलाके में बुधवार सुबह जमीन धंसने की घटना से हड़कंप मच गया। 7/9 पिट के पुराने चाणक्य क्षेत्र के समीप मंडलपाड़ा में अचानक जमीन का एक हिस्सा धंस गया। सुबह स्थानीय लोगों की नजर जब वहां बने बड़े गड्ढे पर पड़ी तो आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया। घटना की जानकारी मिलते ही लोगों ने एक-दूसरे को सतर्क किया और प्रभावित स्थान से दूर रहने की सलाह दी।

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बताया गया कि जिस स्थान पर धंसान हुआ, वहां से लोगों की आवाजाही होती है। घटना के दौरान एक महिला भी उसी रास्ते से गुजर रही थी। संयोगवश वह जमीन धंसने की चपेट में आने से बच गई। यदि धंसान अचानक उसके सामने या उसके नीचे हुआ होता तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने रास्ते के आसपास सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की मांग उठाई है।

पुराने खदान क्षेत्र में धंसान से बढ़ी चिंता

हरिपुर और आसपास के क्षेत्र में पुराने खदान क्षेत्रों से जुड़ी घटनाओं को लेकर पहले से ही लोगों में चिंता रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान जमीन के भीतर पानी का दबाव बढ़ने और मिट्टी कमजोर होने से ऐसे स्थानों पर खतरा और बढ़ जाता है। ऐसे में पुराने खदान क्षेत्रों की नियमित निगरानी और संवेदनशील स्थानों की पहचान आवश्यक है।

स्थानीय भाजपा नेता रविंद्र यादव ने घटना को लेकर ईसीएल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, वर्ष 2018 में भी इसी क्षेत्र में आग लगने की बड़ी घटना सामने आई थी। उस समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर अपेक्षित ठोस कार्य नहीं होने का आरोप उन्होंने लगाया।

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सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

रविंद्र यादव ने आरोप लगाया कि पुराने खदान क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर ईसीएल प्रबंधन और प्रशासन को अधिक गंभीरता दिखाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि केवल घटना के बाद निरीक्षण या अस्थायी व्यवस्था करने के बजाय संवेदनशील क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराया जाना चाहिए।

इधर, लगातार बारिश के कारण जमीन के और कमजोर होने की आशंका ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रभावित स्थान के आसपास तत्काल सुरक्षा घेरा नहीं बनाया गया तो किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है। लोगों ने प्रशासन और ईसीएल प्रबंधन से संयुक्त रूप से मौके का निरीक्षण करने की मांग की है।

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तत्काल बैरिकेडिंग की मांग

स्थानीय निवासियों ने धंसे हुए स्थान के चारों ओर मजबूत बैरिकेडिंग करने, चेतावनी बोर्ड लगाने तथा आम लोगों की आवाजाही रोकने की मांग की है। इसके साथ ही आसपास के पुराने खदान क्षेत्रों का निरीक्षण कर संभावित जोखिम वाले स्थानों को चिह्नित करने की मांग भी उठाई गई है।

बारिश के मौसम में इस प्रकार की घटनाओं की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने की अपील की है। बुधवार सुबह हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में यही चर्चा रही कि समय रहते यदि संवेदनशील स्थानों की पहचान और सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन और ईसीएल की ओर से ठोस कदम उठाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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