आसनसोल : शिक्षक समाज के निर्माण और भावी पीढ़ी के मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को आसनसोल के रविंद्र भवन में भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ की ओर से शिक्षक सम्मान समारोह एवं बुद्धिजीवी सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए।
समारोह के दौरान शिक्षकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया।
आयोजकों की ओर से कहा गया कि किसी भी समाज की दिशा और दशा निर्धारित करने में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। विद्यालयों में विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान ही नहीं मिलता, बल्कि उनमें अनुशासन, नैतिकता, जिम्मेदारी और सामाजिक मूल्यों का विकास भी होता है। इसलिए शिक्षक को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला माना जाता है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा क्षेत्र की वर्तमान परिस्थितियों और शिक्षकों के समक्ष मौजूद विभिन्न चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर विचार रखे। बदलती तकनीक के दौर में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा शिक्षकों की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
आयोजकों ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीक के बढ़ते उपयोग के बावजूद शिक्षक का महत्व कम नहीं हुआ है। विद्यार्थियों को सही दिशा देने, उनमें जिज्ञासा पैदा करने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में शिक्षक की भूमिका आज भी केंद्रीय है।
सम्मेलन में उपस्थित शिक्षकों ने भी शिक्षा से संबंधित अपने अनुभव और सुझाव साझा किए। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के योगदान को सम्मान देना तथा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विषयों पर समाज के विभिन्न वर्गों के बीच संवाद को बढ़ावा देना बताया गया।
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षक-शिक्षिकाओं के सम्मान के साथ उनके विचारों को भी महत्व दिया गया। समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के योगदान को रेखांकित करते हुए समाज में शिक्षक की गरिमा और जिम्मेदारी बनाए रखने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि मजबूत और जागरूक समाज के निर्माण के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आवश्यक है तथा इस कार्य में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

















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