पांडवेश्वर : शिक्षक दिवस के अवसर पर हरिपुर क्षेत्र में शिक्षा और शिक्षक के महत्व को रेखांकित करते हुए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हरिपुर प्रतिस्पर्धी पुस्तकालय की ओर से आयोजित समारोह में विद्यार्थियों के साथ संवाद किया गया तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के जीवन में शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित नहीं होती। शिक्षक अपने ज्ञान, अनुशासन, आदर्श और मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर विद्यार्थी अपने लक्ष्य तक पहुंचने के साथ समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।

समारोह में विद्यार्थियों से शिक्षा को लेकर गंभीर रहने और नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान किया गया। कहा गया कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के बजाय विषय की गहरी समझ, तार्किक सोच, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया कि एक योग्य शिक्षक विद्यार्थी की प्रतिभा को पहचानकर उसे सही दिशा देने का कार्य करता है। ग्रामीण और छोटे क्षेत्रों में शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि वे सीमित संसाधनों के बीच विद्यार्थियों में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास पैदा करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के साथ कुछ समय बिताकर उनकी पढ़ाई, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा की गई। विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और सकारात्मक सोच बनाए रखने की प्रेरणा दी गई।
समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को समाज की मजबूत नींव बताया गया। आयोजकों ने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी शिक्षा को अपना सबसे महत्वपूर्ण साधन बनाकर आगे बढ़ेंगे और भविष्य में समाज के निर्माण में सार्थक भूमिका निभाएंगे।
शिक्षा के प्रति जागरूकता और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य का संदेश देते हुए कार्यक्रम संपन्न हुआ।

















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