दुर्गापुर : साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दुर्गापुर के बेनाचित्ती इलाके में पुलिस ने कथित ऑनलाइन ठगी के एक मामले में नाबालिग समेत दो लोगों को पकड़ा है। प्रांतिक फांड़ी पुलिस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, बरामद राशि साइबर ठगी से जुड़ी हो सकती है। इसकी पुष्टि के लिए जांच जारी है।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर पता चला है कि आरोपियों द्वारा लोगों को दूरभाष के माध्यम से संपर्क किया जाता था। स्वयं को बैंक कर्मचारी बताकर खाताधारकों से एकमुश्त पासवर्ड, बैंक खाते से संबंधित जानकारी तथा अन्य गोपनीय विवरण हासिल करने का प्रयास किया जाता था। इसके बाद कथित रूप से खातों से रकम निकालने की गतिविधि की जाती थी।
मामले में 15 वर्षीय किशोर के शामिल होने की बात सामने आने के बाद पुलिस भी सतर्क है। जांच अधिकारियों को आशंका है कि किशोर को आर्थिक लाभ का लालच देकर साइबर अपराध के नेटवर्क में शामिल किया गया हो सकता है। हालांकि, नाबालिग की वास्तविक भूमिका और उसे गिरोह में शामिल करने वाले लोगों की पहचान अभी जांच का विषय है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद 20 हजार रुपए किस व्यक्ति या खाते से संबंधित हैं। इसके अलावा जांच का प्रमुख बिंदु यह भी है कि इस गतिविधि में केवल दो लोग शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
जांच एजेंसियां कथित रूप से झारखंड के जामताड़ा से किसी संभावित संपर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का किसी बाहरी साइबर गिरोह से संपर्क था या नहीं। पुलिस सूत्रों के हवाले से यह आशंका भी सामने आई है कि साइबर ठगी से जुड़े कुछ लोग दुर्गापुर और आसनसोल क्षेत्र में सक्रिय हो सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी संगठित गिरोह की पुष्टि नहीं हुई है।
गिरफ्तार 19 वर्षीय युवक को रविवार को दुर्गापुर महकमा न्यायालय में पेश किया गया। वहीं, 15 वर्षीय नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ठगी के संभावित पीड़ितों, बैंक खातों, लेनदेन और आरोपियों के संपर्कों की जानकारी जुटाई जाएगी। साइबर अपराध के इस मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क और धन के स्रोत को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

















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