पांडवेश्वर : छोटी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल कर बहुला गांव की बेटी अनुष्का पाल ने पांडवेश्वर ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। बैंकॉक में आयोजित यूवाईएसएफ एशिया पैसिफिक योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026 में अनुष्का ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 6 से 8 वर्ष आयु वर्ग की बालिका पारंपरिक योगासन श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त किया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली इस सफलता के बाद बहुला गांव और पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र में खुशी का माहौल है। अनुष्का की उपलब्धि को लेकर परिवार, ग्रामीणों और खेलप्रेमियों में उत्साह देखा जा रहा है। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक जीतना क्षेत्र के लिए विशेष उपलब्धि मानी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाया कौशल
बैंकॉक में आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न देशों से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में अनुष्का पाल ने पारंपरिक योगासन वर्ग में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन को निर्णायकों ने बेहतर माना और उन्हें प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रदान किया गया।
अनुष्का की इस सफलता ने यह भी साबित किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को उचित मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर वे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं। कम उम्र में योगासन के क्षेत्र में हासिल की गई यह उपलब्धि आने वाले समय में उनके लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

विधायक ने दी बधाई
अनुष्का पाल की सफलता पर पांडवेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विधायक जितेंद्र तिवारी ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि अनुष्का की उपलब्धि पूरे पांडवेश्वर क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
विधायक के अनुसार, इतनी छोटी उम्र में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करना अनुष्का की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अनुष्का ने अपनी प्रतिभा से न केवल अपने परिवार और गांव का मान बढ़ाया है, बल्कि क्षेत्र के अन्य बच्चों के सामने भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
उन्होंने अनुष्का के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वह आगे भी इसी प्रकार सफलता हासिल कर देश और अपने क्षेत्र का गौरव बढ़ाती रहेंगी।
माता-पिता और प्रशिक्षक को दिया श्रेय
स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद अनुष्का पाल ने अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश और अपने गांव का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए विशेष अनुभव रहा। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीतने की खुशी को उन्होंने शब्दों से परे बताया।
अनुष्का ने अपनी उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता और प्रशिक्षक को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के निरंतर सहयोग और प्रशिक्षक के मार्गदर्शन के बिना इस मुकाम तक पहुंचना संभव नहीं था। अभ्यास के दौरान मिले प्रशिक्षण और प्रोत्साहन ने उन्हें प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आगे भी जारी रखेगी अभ्यास
अनुष्का ने कहा कि यह सफलता उनके लिए अंतिम पड़ाव नहीं है। वह आगे भी नियमित अभ्यास और मेहनत जारी रखना चाहती हैं। उनका लक्ष्य योगासन के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते हुए भविष्य में देश के लिए और बड़ी उपलब्धियां हासिल करना है।
बहुला गांव की इस नन्ही खिलाड़ी की अंतरराष्ट्रीय सफलता ने स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को लेकर नई उम्मीद जगाई है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने वाली अनुष्का अब कई बच्चों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। परिवार और स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में वह योगासन के क्षेत्र में देश का नाम और ऊंचा करेंगी।

















Users Today : 22
Users Yesterday : 40