पांडवेश्वर : मेडिकल आधार पर कार्यस्थल पर विशेष सुविधा दिलाने के नाम पर खदान कर्मी से 20 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने ईसीएल कर्मी और तृणमूल कांग्रेस के श्रमिक संगठन से जुड़े नेता शंकरलाल हरिजन को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद बुधवार रात से पांडवेश्वर के साउथ श्यामला कोलियरी क्षेत्र में हलचल तेज हो गई। सीबीआई की कार्रवाई के दौरान कोलियरी कार्यालय और आरोपित के आवास पर तलाशी भी ली गई।
गुरुवार दोपहर शंकरलाल हरिजन को आसनसोल स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। जांच एजेंसी की ओर से अदालत में उसकी हिरासत की मांग नहीं की गई। वहीं, बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत के लिए आवेदन किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने जमानत याचिका खारिज कर दी और आरोपी को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
शिकायत के बाद सक्रिय हुई जांच एजेंसी
मामले के संबंध में सामने आई जानकारी के अनुसार, साउथ श्यामला कोलियरी के एक कर्मचारी को स्वास्थ्य संबंधी आधार पर कार्यस्थल में कुछ विशेष सुविधा की आवश्यकता थी। आरोप है कि यह सुविधा दिलाने के नाम पर शंकरलाल हरिजन ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की थी।
कथित रूप से रिश्वत की मांग से परेशान कर्मचारी ने मामले की शिकायत सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा से की। शिकायत के आधार पर जांच एजेंसी ने कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद बुधवार को कथित लेनदेन के दौरान शंकरलाल को पकड़ लिया गया।
कोलियरी कार्यालय और आवास में तलाशी
गिरफ्तारी के बाद बुधवार रात सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम साउथ श्यामला कोलियरी पहुंची। टीम ने पहले कोलियरी के एक कार्यालय में तलाशी अभियान चलाया। इसके बाद शंकरलाल हरिजन के आवास पर भी देर रात तक जांच की गई।
सूत्रों के अनुसार, तलाशी के दौरान विभिन्न दस्तावेज और कागजात खंगाले गए। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जांच के लिए अपने साथ ले जाए जाने का भी दावा किया गया है। हालांकि, बरामद सामग्री की विस्तृत आधिकारिक सूची सार्वजनिक नहीं हुई है।
बेटे से भी पूछताछ की चर्चा
जांच अभियान के दौरान शंकरलाल हरिजन के बेटे को भी पूछताछ के लिए साथ ले जाने की बात सूत्रों ने कही है। हालांकि, उसके संबंध में जांच एजेंसी की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से उसके विरुद्ध किसी कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
जमानत याचिका खारिज
गुरुवार को अदालत में पेशी के बाद शंकरलाल हरिजन के अधिवक्ता शेखर कुंडू ने बताया कि उनके मुवक्किल पर एक खदान कर्मी को कार्यस्थल पर सुविधा दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि सीबीआई ने अदालत से हिरासत की मांग नहीं की, जबकि बचाव पक्ष ने जमानत की अर्जी दी थी। अदालत ने दलीलें सुनने के बाद जमानत आवेदन अस्वीकार करते हुए 14 दिनों की जेल हिरासत का आदेश दिया।
गिरफ्तारी के बाद कोलियरी क्षेत्र में राजनीतिक और श्रमिक संगठनों के बीच भी चर्चा तेज है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। रिश्वत लेने के आरोपों की पूरी सच्चाई और कथित लेनदेन से जुड़े अन्य पहलुओं का खुलासा जांच आगे बढ़ने के बाद ही हो सकेगा।

















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