दुर्गापुर : शुक्रवार। दुर्गापूजा आयोजन समिति के गठन को लेकर कांकसा थाना क्षेत्र के विदबिहार स्थित दुबराजपुर कॉलोनी में गुरुवार को राजनीतिक विवाद ने तनाव का रूप ले लिया। पूजा समिति में नए युवाओं को शामिल करने की मांग को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा समर्थकों के बीच विवाद होने का आरोप है। मामला बढ़ने के बाद दोनों पक्षों की ओर से मारपीट, अंडे फेंकने और घर में तोड़फोड़ किए जाने के आरोप लगाए गए। घटना की सूचना मिलने पर मलानदिघी पुलिस चौकी की पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया।
पूजा समिति में नए युवाओं को शामिल करने को लेकर विवाद
भाजपा के मंडल अध्यक्ष शचीन विश्वास के अनुसार, दुबराजपुर कॉलोनी में लंबे समय से एक पुरानी दुर्गापूजा समिति के माध्यम से पूजा आयोजित होती रही है। उनका कहना है कि बदलते समय के साथ क्षेत्र के नए युवाओं को भी समिति में स्थान दिया जाना चाहिए। उनका तर्क था कि दुर्गापूजा पूरे समुदाय का आयोजन है और इसमें युवाओं की भागीदारी से आयोजन को नई ऊर्जा मिल सकती है।
भाजपा नेता का आरोप है कि इसी मांग को लेकर पुराने समिति सदस्यों के साथ उनका विवाद शुरू हुआ। उन्होंने दावा किया कि उन्हें समिति के गठन को लेकर विरोध और धमकी का सामना करना पड़ा। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय उपप्रधान गोपाल सरकार के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर महिलाओं के माध्यम से उन्हें अपमानित करने का प्रयास किया गया।
दोनों पक्षों ने लगाए गंभीर आरोप
घटना के बाद राजनीतिक विवाद और गहरा गया। भाजपा समर्थकों की ओर से आरोप लगाया गया कि तृणमूल से जुड़े लोगों ने उनके मंडल अध्यक्ष के साथ मारपीट की। वहीं, तृणमूल समर्थकों के परिवारों की ओर से आरोप लगाया गया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके घरों पर पहुंचकर हमला किया तथा युवकों को पकड़कर उनके साथ मारपीट की।
विवाद के दौरान तृणमूल कांग्रेस के उपप्रधान गोपाल सरकार को निशाना बनाकर अंडे फेंके जाने का भी आरोप सामने आया। इसके बाद उनके घर में भाजपा समर्थकों द्वारा तोड़फोड़ किए जाने का आरोप तृणमूल पक्ष ने लगाया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने संभाली स्थिति, इलाके में निगरानी
राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच विवाद बढ़ने के बाद क्षेत्र में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। मलानदिघी पुलिस चौकी की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया।
पुलिस की ओर से इलाके में निगरानी बढ़ाए जाने की बात सामने आई है, ताकि विवाद दोबारा न बढ़े। दोनों पक्षों के लोगों ने घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दुर्गापूजा जैसे सामुदायिक आयोजन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर चिंता है कि यदि समय रहते विवाद का समाधान नहीं हुआ तो आगामी पूजा आयोजन प्रभावित हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े आरोपों की सत्यता की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

















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