आसनसोल : शनिवार। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के पोस्टर को कथित रूप से जलाने के मामले ने आसनसोल में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विवाद बढ़ा दिया है। घटना के संबंध में आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 43 वर्षीय अरूप मुखर्जी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसे उसके आवास से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को आसनसोल के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में पेश किया।
मोहिशीला कॉलोनी से हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार अरूप मुखर्जी आसनसोल दक्षिण थाना क्षेत्र के एक नंबर मोहिशीला कॉलोनी के शिमुलतला इलाके में दुर्गा मंदिर के समीप रहता है। पुलिस ने उसे उसके घर से गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा और राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
बताया गया कि 10 सितंबर को आसनसोल दक्षिण थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। इनमें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित धारा भी शामिल है।
जांच के लिए पुलिस ने मांगी हिरासत
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस ने मामले की जांच को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी की पुलिस हिरासत की मांग की है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित घटना में आरोपी की भूमिका क्या थी और इसके पीछे किसी अन्य व्यक्ति या समूह की संलिप्तता थी या नहीं।
पुलिस कथित घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।
पोस्टर को लेकर शुरू हुआ विवाद
बताया जाता है कि बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जुड़े पोस्टर को लेकर आसनसोल में पहले से राजनीतिक विवाद का माहौल बना हुआ था। पोस्टर को कथित रूप से जलाए जाने की घटना के बाद मामला और संवेदनशील हो गया। विभिन्न राजनीतिक संगठनों की ओर से इस घटना को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
हालांकि, पोस्टर जलाने की घटना और उसमें आरोपी की भूमिका से जुड़े सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने प्राथमिकी में जिन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है, उनके आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
सौहार्द बनाए रखने की अपील
घटना के बाद पुलिस प्रशासन की ओर से क्षेत्र में शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है। संवेदनशील विषय होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रही है।
स्थानीय स्तर पर भी लोगों से किसी प्रकार की अफवाह फैलाने या विवाद को बढ़ावा देने से बचने की अपील की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़े और घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की जानकारी जुटाई जाए।
फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामला न्यायालय की प्रक्रिया में पहुंच गया है। पुलिस हिरासत से संबंधित न्यायालय के निर्णय और आगे की जांच में सामने आने वाले तथ्यों से यह स्पष्ट होगा कि घटना में और कौन-कौन लोग शामिल थे अथवा इसके पीछे कोई व्यापक साजिश थी या नहीं। तब तक पोस्टर जलाने और उससे जुड़े अन्य आरोपों को जांच का विषय ही माना जा रहा है।

















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