गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का अद्भुत संयोग, आस्था के साथ सुहागिनों ने रखा निर्जला व्रत आज

Facebook
Twitter
WhatsApp

आसनसोल :  सोमवार को शहर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक आस्था का अनूठा रंग देखने को मिला। एक ही दिन गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का पर्व होने से वातावरण भक्ति, उल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों से सराबोर रहा। सुबह से ही मंदिरों, पूजा पंडालों और बाजारों में चहल-पहल बढ़ी रही। कहीं गणपति की स्थापना के लिए श्रद्धालु तैयारियों में जुटे रहे तो कहीं सुहागिन महिलाएं हरतालिका तीज के निर्जला व्रत और भगवान शिव-पार्वती की पूजा में व्यस्त दिखाई दीं।

IMG 20240918 WA0025

गणेश चतुर्थी को लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में विशेष तैयारियां की गईं। घरों के साथ सार्वजनिक स्थानों पर भी भगवान गणेश की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ विघ्नहर्ता गणपति की पूजा-अर्चना कर परिवार में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। पूजा स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था।

गणपति स्थापना के दौरान ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयघोष से वातावरण गूंज उठा। दस दिवसीय गणेशोत्सव को लेकर बच्चों और युवाओं में भी विशेष उत्साह नजर आया। कई स्थानों पर आकर्षक सजावट और पूजा की तैयारियों ने उत्सव का माहौल और अधिक जीवंत कर दिया।

दूसरी ओर सोमवार को ही हरतालिका तीज होने के कारण सुहागिन महिलाओं में भी विशेष उत्साह रहा। महिलाओं ने पति की दीर्घायु, दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा। सुबह से ही महिलाएं स्नान के बाद पूजा की तैयारियों में जुट गईं। कई महिलाओं ने सोलह श्रृंगार किया और हाथों में मेहंदी रचाकर पारंपरिक रूप से तीज का पर्व मनाया।

IMG 20250511 WA0050

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हरतालिका तीज का संबंध माता पार्वती की कठोर तपस्या से जुड़ा है। मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तप किया था। इसी आस्था के चलते महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं तथा उनके वैवाहिक जीवन की तरह अपने दांपत्य जीवन में भी प्रेम, विश्वास और सुख की कामना करती हैं।

शहर के कई मंदिरों में शिव-पार्वती की विशेष पूजा और तीज की कथा का आयोजन किया गया। महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर धार्मिक परंपराओं का पालन किया। वहीं घरों में गणेश पूजन और तीज की तैयारियां एक साथ चलने से वातावरण में उत्सव और श्रद्धा का विशेष संगम दिखाई दिया।

गणेश चतुर्थी और हरतालिका तीज का एक ही दिन पड़ना श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक अवसर रहा। लोगों ने दोनों पर्वों को अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार श्रद्धापूर्वक मनाया। पूरे दिन शहर में भक्ति, उत्साह और पारंपरिक श्रृंगार का सुंदर मेल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश, भगवान शिव और माता पार्वती से परिवार तथा समाज में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 3 2 5 8
Users Today : 0
Users Yesterday : 22