पांडेश्वर : शनिवार को पांडेश्वर थाना क्षेत्र से सामने आई एक घटना ने जर्जर सड़कों और असुरक्षित खनन क्षेत्रों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। कांकसा थाना क्षेत्र के 11 माइल स्थित डांगालपाड़ा निवासी प्रसून बनर्जी गुरुवार रात बाइक से घर लौट रहे थे। रास्ते में मोबाइल पर गूगल मानचित्र के सहारे आगे बढ़ रहे प्रसून की बाइक कथित तौर पर हरिपुर के पुराने भाटमूड़ा क्षेत्र में सड़क के गड्ढे में जा गिरी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए और पूरी रात घटनास्थल पर पड़े रहे।
बताया गया कि प्रसून केबल लाइन संचालक के रूप में काम करते हैं। गुरुवार रात काम समाप्त करने के बाद वह बाइक से अपने घर के लिए निकले थे। घर पहुंचने से पहले उन्होंने परिवार से फोन पर बातचीत भी की थी। इसके बाद काफी समय बीत जाने के बावजूद जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
परिवार के सदस्यों ने रात में ही उनकी तलाश शुरू कर दी। मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया तो प्रसून ने घायल अवस्था में कभी किसी स्थान का नाम बताया तो कभी किसी दूसरे स्थान का। हादसे और चोट के कारण वह अपनी सही स्थिति और स्थान स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे थे। अंधेरा होने के कारण परिजनों के लिए उनकी तलाश करना और भी मुश्किल हो गया।

सुबह मोबाइल की स्थिति से मिला सुराग
काफी प्रयास के बाद परिजनों ने पुलिस की सहायता से प्रसून के मोबाइल फोन की स्थिति का पता लगाने की कोशिश की। सुबह मिली जानकारी के आधार पर उनकी मौजूदगी हरिपुर के पुराने भाटमूड़ा क्षेत्र में सामने आई। इसके बाद पांडेश्वर थाना पुलिस और ईसीएल की टीम तत्काल बताए गए स्थान पर पहुंची।
क्षेत्र में पहुंचने पर टीम ने घायल प्रसून को सड़क के पास से बरामद किया। इसके बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि उनकी स्थिति गंभीर है और चिकित्सकों की निगरानी में उपचार जारी है।
खनन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह ईसीएल के अधिग्रहित तथा भूमि धंसाव से प्रभावित क्षेत्रों में बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कोयला खनन से प्रभावित इस इलाके में सड़क पहले से ही जर्जर स्थिति में है। सड़क के कुछ हिस्सों को बंद करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चेतावनी संकेतक और अवरोधक नहीं होने से रात में वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि यदि सड़क बंद की जा रही है तो लोगों को पहले से स्पष्ट सूचना देने और सुरक्षा अवरोध लगाने की आवश्यकता है।
हादसे के बाद ईसीएल और स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि घटना की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी से जुड़े सभी पहलुओं की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जानकारी जुटा रही हैं। यह घटना खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और रात्रिकालीन निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत जरूर सामने लाती है।

















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