पांडेश्वर : लाउदोहा-फरीदपुर थाना क्षेत्र के बालूजुड़ी इलाके में गुरुवार देर रात हुए सड़क हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौके पर ही मौत हो गई। बालू खाली कर लौट रहा तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। दुर्घटना में चालक ट्रैक्टर के नीचे दब गया और घटनास्थल पर ही उसकी जान चली गई।
मृतक की पहचान रसिकडांगा गांव निवासी कृष्ण बाउरी उर्फ लागेन बाउरी के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही लाउदोहा-फरीदपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर का निरीक्षण किया।

पुलिस ने काफी प्रयास के बाद चालक के शव को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकलवाया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन से संबंधित आवश्यक जानकारी भी जुटाई जा रही है।
बालू गिराकर लौट रहा था चालक
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कृष्ण बाउरी नियमित रूप से ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। गुरुवार को भी वह निखिल रुईदास के ट्रैक्टर से बालू लेकर दुर्गापुर की ओर गया था। बताया गया कि वहां बालू खाली करने के बाद वह देर रात वापस लौट रहा था। इसी दौरान बालूजुड़ी के समीप ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और सड़क के किनारे पलट गया।
ट्रैक्टर के पलटते ही चालक उसके नीचे दब गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
परिवार ने की मुआवजे की मांग
हादसे की खबर गांव पहुंचते ही मृतक के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

हादसे के बाद क्षेत्र में रात के समय बालू परिवहन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने यह जानने की मांग की है कि जिस ट्रैक्टर से बालू का परिवहन किया जा रहा था, उसके पास बालू से संबंधित वैध चालान और आवश्यक अनुमति थी या नहीं।
ग्रामीणों के बीच यह भी चर्चा है कि यदि रात के समय बालू का परिवहन किया जा रहा था, तो इसकी निगरानी व्यवस्था कैसी थी और संबंधित विभागों की ओर से वाहनों की जांच की जा रही थी या नहीं। हालांकि, इन सवालों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस का कहना है कि हादसे के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा। वाहन के दस्तावेज, परिवहन से संबंधित कागजात और दुर्घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच जारी रखी है।














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