
दुर्गापुर : स्थानीय लोगों को रोजगार देने की माँग को लेकर टीएमसी कार्यकर्ताओं का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा, जब उन्होंने दुर्गापुर के सगरभांगा क्षेत्र में स्थित एक निजी ग्रेफाइट कारखाने के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने न सिर्फ़ पूरे कारखाने को घेर लिया, बल्कि बाहरी इलाकों से आए कर्मचारियों को अंदर जाने से भी रोक दिया। यह आंदोलन सोमवार रात से ही शुरू हो गया था और मंगलवार सुबह तक लगातार जारी रहा।

आंदोलन की पृष्ठभूमि
स्थानीय टीएमसी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कारखाने में स्थानीय निवासियों की अनदेखी कर बाहर के लोगों को नौकरी पर रखा जा रहा है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इलाके के बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए, क्योंकि इस फैक्ट्री का निर्माण स्थानीय ज़मीन और संसाधनों पर हुआ है।

घटनास्थल पर भारी पुलिस बल
घटना की जानकारी मिलते ही कोक ओवन थाने की पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के कारण स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। पुलिस के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने घेराव करते हुए ज़ोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक स्थानीय युवाओं को रोजगार की गारंटी नहीं दी जाएगी, आंदोलन जारी रहेगा।

रातभर चला प्रदर्शन, नहीं थमा आक्रोश
प्रदर्शनकारियों ने रातभर कारखाने के बाहर डेरा डाले रखा। टेंट लगाकर बैठने से लेकर, हाथों में तख्तियाँ और बैनर लेकर उन्होंने ‘स्थानीय को हक दो’ जैसे नारे लगाए। इस दौरान न तो कोई भाषण दिया गया और न ही हिंसा हुई, लेकिन शांति के साथ गहरा असंतोष साफ देखा गया।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
टीएमसी कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन और फैक्ट्री प्रबंधन से संपर्क किया, लेकिन उन्हें सिर्फ़ आश्वासन मिला, समाधान नहीं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्थानीय हितों की उपेक्षा कर फैक्ट्री प्रबंधन अपने निजी लाभ के लिए बाहरी लोगों को रोजगार दे रहा है।

आगे की रणनीति
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर 72 घंटों के अंदर फैक्ट्री प्रबंधन कोई ठोस निर्णय नहीं लेता, तो वे स्थायी घेराव करेंगे और ऊपरी स्तर तक आंदोलन को पहुँचाएँगे। अब सबकी निगाहें फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।














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