

दुर्गापुर : दुर्गापुर प्रोजेक्ट लिमिटेड (डीपीएल) की आठ नंबर बिजली उत्पादन यूनिट में शुक्रवार को अचानक जोरदार धमाके के साथ स्टेशन ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
ट्रांसफार्मर के साथ-साथ सप्लाई ब्रेकर भी आग की चपेट में आ गया, जिससे 6.6 केवी का ट्रांसफार्मर पूरी तरह जलकर खाक हो गया। इस दुर्घटना के चलते आठ नंबर यूनिट पूरी तरह से ठप हो गई और 250 मेगावाट बिजली उत्पादन अनिश्चित काल के लिए बंद हो गया। इस घटना से राज्य सरकार के अधीन संचालित डीपीएल के बिजली उत्पादन पर गंभीर असर पड़ा है। भीषण गर्मी के इस मौसम में उत्पादन ठप होने से बिजली संकट गहराने की आशंका है।

बताया गया कि आठ नंबर यूनिट में 1 अक्टूबर 2014 से बिजली उत्पादन शुरू हुआ था और यह यूनिट अब तक निर्बाध रूप से कार्यरत थी। लेकिन इस अचानक हुई दुर्घटना ने न केवल उत्पादन को रोका बल्कि तकनीकी और प्रशासनिक सवाल भी खड़े कर दिए हैं। डीपीएल की मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वागता मित्रा ने कहा कि यह एक दुर्घटना है, जिसकी विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मरम्मत कार्य भी तेजी से जारी है और जल्द से जल्द यूनिट को पुनः चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।गौरतलब है कि डीपीएल की सात नंबर यूनिट अभी भी चालू है, जहां 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

सात नंबर यूनिट ही इस समय बिजली उत्पादन का एकमात्र स्रोत बन गया है, जो 30 अप्रैल 2008 से कार्यरत है।घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया, वहीं डीपीएल के तृणमूल श्रमिक संगठन के नेता आलोमय घोड़ाई ने इसे सरकार की छवि खराब करने की साजिश बताया।

उन्होंने कहा कि तकनीकी खराबी कहीं भी हो सकती है, ऐसे में राजनीतिक बयानबाज़ी से परहेज़ करना चाहिए।अब सभी की नजर इस पर टिकी है कि आठ नंबर यूनिट का उत्पादन कब तक बहाल हो सकेगा और क्या राज्य सरकार बढ़ती बिजली की मांग को पूरा कर पाएगी।














Users Today : 6
Users Yesterday : 28