

जामुड़िया : अगर हौसले बुलंद हों तो संसाधनों की कमी कभी रास्ते की रुकावट नहीं बन सकती। यह बात जामुड़िया हिंदी हाई स्कूल के उच्च माध्यमिक विद्यार्थियों ने सिद्ध कर दिखाई है। इस विद्यालय में उच्च माध्यमिक स्तर की पढ़ाई के लिए एक भी शिक्षक नियुक्त नहीं है, बावजूद इसके यहां के छात्रों ने 86 प्रतिशत का शानदार परीक्षा परिणाम देकर इतिहास रच दिया है।

विद्यालय के अतिकुर रहमान ने 86.6%, मनीष साह ने 74%, निक्की कुमार ने 70.6%, पीयूष साव ने 70% तथा अमित कुमार बर्णवाल ने 69.2% अंक प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विद्यालय के प्राचार्य रोहनराम रजक ने छात्रों की मेहनत को सराहते हुए कहा कि “बिना किसी शिक्षक के मार्गदर्शन के ये परिणाम मिलना छात्रों के दृढ़ संकल्प और अनुशासन का परिचायक है।

हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी कठिन परिस्थितियों के बावजूद सफलता की नई मिसाल गढ़ रहे हैं।” इसी कड़ी में एक और प्रेरणादायक कहानी सामने आई है दिव्यांग आदित्य केसरी की, जिसने अपने शारीरिक संघर्षों के बावजूद 50 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सबको चौंका दिया। आदित्य न तो स्पष्ट बोल पाता है, न ही ठीक से चल पाता है, फिर भी उसने अपने आत्मबल और लगन से यह सफलता हासिल की। आदित्य, स्वर्ण व्यवसायी विजय केसरी के पोते और विशाल केसरी के पुत्र हैं। उल्लेखनीय है कि दो वर्ष पूर्व माध्यमिक परीक्षा में सफलता के बाद उन्हें सन्मार्ग फाउंडेशन की प्रमुख रुचिका गुप्ता ने सम्मानित कर छात्रवृत्ति प्रदान की थी।

जामुड़िया का यह परिणाम इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों में भी यदि संकल्प और परिश्रम हो, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। क्षेत्रवासियों ने इन विद्यार्थियों की सफलता पर हर्ष जताते हुए इन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दी हैं।














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