Breaking News
रामपुर एमवीआई जांच में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, कथित बिचौलिए के घर से पांच लाख नकद और दस्तावेज जब्त परिवार से टूटी डोर जोड़ने की पहल, आसनसोल सुधारगृह में बंदियों को कानूनी अधिकारों की जानकारी भी दी गई आसनसोल में काली पूजा की तैयारियां शुरू, खूंटी पूजन के साथ भव्य आयोजन का हुआ शुभारंभ दुर्गापुर में नाबालिगों से रक्तदान कराने का मामला, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया l 125 दिन रोजगार गारंटी से गांवों में विकास को गति, पौधारोपण पर प्रशासन ने बनाई कार्ययोजना, ईसीएल से मांगा सहयोग पचास साल पुराने खेल मैदान पर कब्जे की कोशिश से बवाल, रात में जेसीबी चलने पर ग्रामीणों में आक्रोश

निंघा खदान विवाद गहराया, तबादले से कामगारों में आक्रोश

Facebook
Twitter
WhatsApp

IMG 20250401 WA0024

IMG 20250421 WA0051

जामुड़िया :  ईसीएल (ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के श्रीपुर-सातग्राम क्षेत्र अंतर्गत निंघा कोलियरी और निंघा एसएसआई खदान को लेकर चल रहे श्रमिक आंदोलन में अब नया मोड़ आ गया है। ईसीएल प्रबंधन द्वारा निंघा एसएसआई खदान के 20 कामगारों का अन्य खदानों में तबादला किए जाने की अधिसूचना जारी होने के बाद कामगारों और श्रमिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा।

श्रमिक संगठनों ने आरोप लगाया कि यह तबादला ईसीएल प्रबंधन की एक सोची-समझी साजिश है, जिसके तहत निंघा ग्रुप ऑफ माइंस के तहत संचालित खदानों को धीरे-धीरे बंद करने की योजना बनाई जा रही है। जॉइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने इस कदम का तीखा विरोध किया और जुलूस निकालकर ईसीएल प्रबंधन का घेराव किया।

IMG 20240918 WA0025

सीटू नेता बीरेंद्र महतो ने प्रबंधन पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह निर्णय कामगारों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और मनमानीपूर्ण रवैये का उदाहरण है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तबादले की अधिसूचना को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।

प्रबंधन की ओर से आंदोलनरत कामगारों को फिलहाल अस्थायी तौर पर हाजिरी बनाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन जेएसी ने इस पर असहमति जताते हुए कहा कि जब तक स्थायी रूप से स्थानांतरित किए गए श्रमिकों को वापसी नहीं मिलती, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे।

WhatsApp Image 2024 07 12 at 13.27.59

तबादला किए गए प्रमुख कामगारों में सनातन भुइयां, दातु माजी, मुन्ना हरिजन, सुकुमार बाउरी, बैद्यनाथ मांडी, गंगासागर यादव, शेख शरीफ, परमेश्वर तांती, अनुकूल पासवान, दीनानाथ राम, राजेश माझी, नव धीवर, रज्जाक मियां, सबन मांझी, हरिंदर गोप, बजरंग नोनिया, मोहम्मद लुकमान मियां, चंद्रशेखर दुसाद, मुंसी दास और भीम वाद्यकर शामिल हैं।

स्थानीय श्रमिक संगठनों का कहना है कि यदि प्रबंधन इसी तरह खदानों को बंद करने की दिशा में कदम उठाता रहा, तो हजारों परिवारों की आजीविका खतरे में पड़ जाएगी। उन्होंने मांग की है कि तबादला आदेश रद्द कर, खदानों के संचालन को यथावत रखा जाए।
स्थिति को देखते हुए इलाके में तनाव बना हुआ है l

IMG 20250311 WA0094

 

Leave a Comment

Leave a Comment

[democracy id="1"]

Share Market

Also Read This

Gold & Silver Price

Our Visitor

0 4 1 8 8 5
Users Today : 5
Users Yesterday : 28