
जामुड़िया : कार एवं ट्रैक्टर लीज पर देने के नाम पर दीर्घकालिक ठगी एवं जालसाज़ी में संलिप्त एक मुख्य अभियुक्त सुमित कुमार की धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधियाँ उजागर होने के उपरांत पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई ने स्थानीय जनमानस को चकित कर दिया है। आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय के अधीनस्थ जामुड़िया थाना क्षेत्र में गत सप्ताह गिरफ्तार किए गए मुख्य साजिशकर्ता सुमित कुमार की निशानदेही पर पुलिस ने अब तक सात ट्रैक्टर बरामद किए हैं, जो कि भिन्न-भिन्न व्यक्तियों से लीज पर लेकर फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बेचे जा चुके थे।
इस संदर्भ में पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) ध्रुव दास ने पुष्टि की कि सुमित कुमार केवल ट्रैक्टर ही नहीं, अपितु कारों की भी जालसाजी कर लीज़ पर लेकर फर्जी स्वामित्व हस्तांतरण करता था। अभियुक्त को पुलिस रिमांड पर लेकर विस्तृत पूछताछ की गई, जिसमें उसके द्वारा अपनाई गई ठगी की प्रणाली और संभावित सहयोगियों के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। सोमवार को पुनः उसे न्यायालय में प्रस्तुत कर विस्तारित रिमांड की याचना की जाएगी।

बरामदगी की कार्यवाही में एसीपी सेंट्रल विमान कुमार मिर्घा, सर्किल इंस्पेक्टर सुशांत चटर्जी, थाना प्रभारी सोमेन्द्रनाथ सिंह ठाकुर एवं एसआई सुभाष बनर्जी की उल्लेखनीय भूमिका रही।
पीड़ित की आपबीती : भरोसे का बदला विश्वासघात में
बारुल ग्राम निवासी आशीष कुमार मंडल ने इस प्रकरण में पुलिस को एक महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसके अनुसार जनवरी 2025 में सुमित कुमार द्वारा उसे झांसे में लेकर उसका ट्रैक्टर क्रमांक WD 37D 3302 लीज़ पर ले लिया गया। सुमित ने यह आश्वासन दिया था कि वह ट्रैक्टर को विभिन्न कारखानों में भाड़े पर चलवाएगा तथा प्रति माह ₹12,000 प्रदान करेगा। प्रारंभ में दो माह तक आशीष को भुगतान मिला भी, किंतु मार्च माह आते-आते सुमित ने बहानेबाज़ी प्रारंभ कर दी एवं अंततः संपर्कविच्छेद कर दिया।

बाद में आशीष को ज्ञात हुआ कि सुमित कुमार एक पेशेवर धोखेबाज़ है, जो आसनसोल, दुर्गापुर एवं जामुड़िया क्षेत्र के दर्जनों भोले-भाले लोगों से ट्रैक्टर एवं कारें लीज़ पर लेकर, उनके नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें बेच डालता है।
अन्य पीड़ित भी सामने आए
सुमित कुमार की ठगी का दायरा सिर्फ आशीष तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामवासी शांतिराम मंडल, कंचन गोराई, लक्ष्मीकांत गोराई, राजू गोराई एवं तपन गोराई सहित कई अन्य व्यक्ति भी इस धोखाधड़ी चक्र का शिकार बने हैं। सभी ने अपने वाहनों को सुमित को भाड़े पर देकर भारी आर्थिक हानि उठाई है।

पुलिस कर रही सघन जांच
जामुड़िया थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर सर्वांगीण जांच प्रारंभ कर दी है। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट है कि सुमित के साथ एक संगठित गिरोह भी सक्रिय है जो कि वस्त्रविन्यास, स्वामित्व प्रपत्रों की जालसाजी एवं कूटदस्तावेज निर्माण में दक्ष है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार शीघ्र ही अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। साथ ही, नागरिकों से यह अपील की गई है कि ऐसे संदिग्ध प्रस्तावों से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की शंका की स्थिति में तत्क्षण पुलिस को सूचित करें।















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