
आसनसोल : वैशाख माह की तीव्रता के साथ पश्चिम बंगाल के दो क्षेत्रों—उत्तर और दक्षिण—में विलक्षण मौसमीय विरोधाभास उत्पन्न हो गया है। एक ओर जहां दक्षिण बंगाल के अधिकतर जिलों में भीषण लू और उष्णतायुक्त शुष्क वायुओं की प्रचंडता से जनजीवन अत्यंत क्लांत और व्याकुल हो उठा है, वहीं उत्तर बंगाल में समय से पूर्व दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश की संभावनाओं के कारण भारी वर्षा, वज्रपात एवं ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
अलीपुर मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण बंगाल के बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पश्चिम बर्द्धमान, पश्चिम मेदिनीपुर, बीरभूम और पुरुलिया जैसे जिलों में सोमवार से गुरुवार तक प्रचंड लू चलेगी। कोलकाता सहित राज्य के समस्त दक्षिणी जिलों में अत्यधिक तापमान के साथ शुष्कता का प्रभाव बना रहेगा। सोमवार को कोलकाता का न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री सेल्सियस तथा अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वायुमंडलीय आर्द्रता 43% से 82% के मध्य होने के कारण नमी में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिससे गर्म हवाएं और अधिक तीव्र प्रतीत हो रही हैं।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, यह दुष्कर स्थिति विभिन्न मौसमीय प्रणालियों के कारण उत्पन्न हुई है—जैसे कि उत्तर-पूर्वी असम में चक्रवातीय परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ, बिहार से मणिपुर तक विस्तृत पूर्व-पश्चिम ट्रफ रेखा, सौराष्ट्र से अरब सागर तक फैली हुई एक अन्य ट्रफ रेखा, तथा मराठवाड़ा से मन्नार की खाड़ी तक फैली उत्तर-दक्षिण ट्रफ रेखा। इन प्रणालियों की सम्मिलित सक्रियता से उत्तर भारत और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा संभाव्य है, किंतु दक्षिण बंगाल के लिए यह परिस्थिति लू को और प्रबल बना रही है।

इस बीच, उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों में सोमवार से गुरुवार तक तूफानी वर्षा, ओलावृष्टि और बिजली गिरने की आशंका व्यक्त की गई है। इस क्षेत्र में मानसून के सामान्य समय से पहले, अर्थात् मई के अंत तक ही आगमन की संभावना जताई जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने भी संकेत दिया है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 13 मई को अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में प्रविष्ट हो सकता है—जो सामान्य तिथि 22 मई से नौ दिन पूर्व है।

आईएमडी के अनुसार, केरल तट पर मानसून 27 मई तक प्रवेश करेगा। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत की मुख्य भूमि पर मानसून सामान्य समय से पाँच दिन पूर्व सक्रिय हो सकता है। मालदा, उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर में अभी भी भीषण गर्मी बनी रहेगी, किंतु उत्तर बंगाल के शेष भागों में मानसूनी प्रभाव शीघ्र ही अनुभव होने लगेगा।

सारतः, बंगाल के लिए यह सप्ताह एक ओर जलती दोपहरों और लू की तपिश से जूझने वाला है, तो दूसरी ओर मानसून की अगवानी करने को आतुर पर्वतीय उत्तर बंगाल जलवर्षा से सराबोर होने की दिशा में अग्रसर है।














Users Today : 3
Users Yesterday : 28