
आसनसोल : हीरापुर थाना क्षेत्र के बर्नपुर स्थित वैष्णवबांध में एक व्यक्ति द्वारा लगभग 60 लाख रुपए के बैंक ऋण की अदायगी न करने पर इंडियन बैंक ने उसके मकान को सील कर अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई डिप्टी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की उपस्थिति में संपन्न हुई।
सूत्रों के अनुसार, मकान मालिक शंभू नाथ गुप्ता ने वर्ष 2019 में तत्कालीन इलाहाबाद बैंक (जो अब इंडियन बैंक में विलय हो चुका है) से लगभग 40 लाख रुपए का लोन लिया था। समय पर ऋण की अदायगी न होने के कारण 2023 में यह खाता एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्ति) घोषित हो गया। ब्याज सहित बकाया राशि बढ़कर लगभग 60 लाख रुपए हो गई। इसके पश्चात बैंक ने सरफेसी एक्ट के तहत जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त की और डीएम के आदेश के अनुसार मकान को सील करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।

कार्यवाही के दौरान बैंक के रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी, डिप्टी मजिस्ट्रेट, हीरापुर थाना प्रभारी तन्मय राय, अधिवक्ता संग्राम सिंह तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद थे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। हालांकि, मकान सील करने की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय महिलाओं ने विरोध जताया और आपत्ति की। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रण में लिया और महिला पुलिस की सहायता से प्रदर्शनकारियों को शांत किया।

बैंक के रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी ने बताया कि शंभू नाथ गुप्ता ने डीएम के आदेश के विरुद्ध अदालत में भी अपील की थी, लेकिन वहां भी मामला उनके पक्ष में नहीं गया। कोर्ट से अस्वीकृति के बाद बैंक ने डीएम के आदेशानुसार कार्रवाई पूरी की।
यह घटना बकायेदारों के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि ऋण अदायगी में देरी करने पर कठोर कदम उठाए जा सकते हैं।















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