देंदुआ मोड़ हादसे पर उग्र आंदोलन, मुआवज़े की मांग जारी

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आसनसोल/सालानपुर : आसनसोल-चित्तरंजन मुख्य मार्ग पर लोगों के लिए बेहद कठिन साबित हुआ। सालानपुर ब्लॉक के देंदुआ मोड़ पर सड़क हादसे के बाद भड़का विरोध अब विशाल आंदोलन का रूप ले चुका है। इस विरोध-प्रदर्शन के कारण आसनसोल-चित्तरंजन मुख्य मार्ग पूरी तरह ठप रहा, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

हादसे से आक्रोश, सड़क बनी रणक्षेत्र

सोमवार देर शाम देंदुआ ईसीएल अस्पताल के पास तेज रफ्तार मालवाहक ट्रक ने एलआईसी एजेंट अशोक महतो (निवासी—श्रीरामपुर) की मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक का पहिया सीधे उनके पेट पर से गुजर गया। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत आसनसोल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया।

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आंदोलनकारियों की मांगें

मंगलवार तड़के से ही स्थानीय लोग और मृतक के परिजन सड़क पर उतर आए। पहले देंदुआ-कल्याणेश्वरी मार्ग को जाम किया गया और देर रात आंदोलनकारियों ने इसे स्थानांतरित कर आसनसोल-चित्तरंजन मुख्य मार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया। मृतक के परिजनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि—
“परिवार को कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवज़ा और दो परिजनों को स्थायी नौकरी दी जाए। जब तक यह मांग पूरी नहीं होगी, आंदोलन जारी रहेगा।”

यातायात ठप, यात्रियों की दुश्वारी

इस विशाल जाम के कारण सड़क पर कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। यात्री बसें, मालवाहक ट्रक और एंबुलेंस तक घंटों फंसी रहीं। कई यात्रियों को मजबूरन पैदल ही अपने गंतव्य की ओर बढ़ना पड़ा। व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

प्रशासन और पुलिस की जद्दोजहद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। बार-बार समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। देर शाम तक प्रशासन आंदोलनकारियों के साथ बातचीत में जुटा रहा। घटनास्थल पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की तैनाती की गई, ताकि स्थिति पर नियंत्रण रखा जा सके।

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सुरक्षा और सड़क हादसों पर सवाल

स्थानीय लोगों का आरोप है कि देंदुआ मोड़ पर बेकाबू ट्रकों की रफ्तार और यातायात नियंत्रण की लापरवाही के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं। प्रशासनिक उदासीनता और सुरक्षा उपायों की कमी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है। लोगों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि क्षेत्र में ठोस कदम उठाने होंगे।

क्षेत्र में तनाव कायम

मंगलवार देर रात तक आंदोलन जारी रहा और स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मृतक के परिजनों को हरसंभव मदद दी जाएगी, परंतु प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर डटे रहे।

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