

जामुड़िया : केंदा चौकी क्षेत्र के धंसना गांव में बीते रात्रि लगभग सात बजे ग्रामवासियों की सूझ‑बूझ से एक मारुति वैन में छिपकर हो रही लोहे की तस्करी पकड़ में आ गई। पिछले कुछ सप्ताह से संदिग्ध वाहन — जो बीरभूम स्थित एक निजी विद्यालय की ‘स्कूल वैन’ के रूप में परिचालित हो रहा था — बार‑बार गांव के निकट एक निजी कारखाने तक आता‑जाता देखा जा रहा था। निवासियों ने प्रारम्भ में उसे एम्बुलेंस समझ अनदेखा किया, परंतु बढ़ते आवागमन ने शंका उत्पन्न कर दी।

सायंकाल वाहन पुनः गाँव सीमा में प्रविष्ट होते ही ग्रामीणों ने उसे रोकने का प्रयास किया। भीड़ देखते ही चालक खेत‑पसलियों के रास्ते फरार हो गया। वैन का दरवाज़ा खोलते ही अंदर लोहे की बार, प्लेट और गियर‑कलपुर्जों के बोरों का ज़खीरा मिला, जिन्हें कथित कारखाने से अवैध रूप से बाहर ले जाया जा रहा था।
सूचना मिलते ही जामुड़िया थाना अंतर्गत केंदा पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुँची और वाहन जब्त कर थाने ले गई। प्रारम्भिक पूछताछ में पता चला कि वैन पर अंकित पंजीयन बीरभूम के एक पब्लिक स्कूल के नाम संलग्न है; पुलिस यह सत्यापित कर रही है कि स्कूल प्रबंधन शामिल है या वाहन जाली कागज़ों से चल रहा था। वाहन से मिले दस्तावेज़ों, नंबर प्लेट, तथा लोहे की खेप के स्रोत‑गंतव्य का मिलान कर लोहा खरीद‑फरोख्त श्रृंखला का सुराग जुटाया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार मामला चोरी‑सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है, जो स्थानीय खदान‑क्षेत्रों से स्क्रैप चुराकर उच्च मूल्य पर बेचता है। सीसीटीवी फुटेज व कॉल‑डिटेल्स के आधार पर फरार चालक की तलाश तेज कर दी गई है। थानेदार संजय चौधरी ने कहा, “ग्रामीणों की तत्परता से संगठित तस्करी का भंडाफोड़ संभव हुआ। अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर लोहा चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश करेंगे।”

धंसना पंचायत प्रधान ने ग्रामरक्षी दल को प्रोत्साहन देते हुए कहा कि नागरिक सजगता से ही अपराध पर नकेल कसी जा सकती है। पुलिस‑प्रशासन ने भी अन्य गांवों से संदिग्ध वाहनों पर नज़र रखने और सूचना साझा करने की अपील की है, ताकि क्षेत्र में औद्योगिक चोरी की घटनाएँ रोकी जा सकें।














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