आसनसोल : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच मंगलवार को आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र में प्रस्तावित एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी सभा अचानक रद्द होने से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। यह सभा वेबेल आईटी पार्क के समीप स्थित एडीडीए मैदान में आयोजित होनी थी, जिसके लिए पार्टी द्वारा व्यापक तैयारियां भी की गई थीं। हालांकि, हेलीकॉप्टर के उतरने की समय पर अनुमति न मिलने के कारण कार्यक्रम को अंतिम समय में स्थगित करना पड़ा।

एआईएमआईएम के आसनसोल उत्तर से प्रत्याशी दानिश अजीज ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि सभा के लिए 10 अप्रैल को ही जिला प्रशासन से हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति के लिए आवेदन किया गया था। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि आवेदन प्रक्रिया लिखित और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से पूरी की गई थी और प्रशासन की ओर से सकारात्मक संकेत भी मिले थे।
दानिश अजीज के अनुसार, कार्यक्रम के दिन उनके एक प्रतिनिधि को अनुमति पत्र प्राप्त करने के लिए जिला कार्यालय में घंटों इंतजार करना पड़ा, लेकिन निर्धारित समय तक कोई स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दिन पूर्व इसी स्थान पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हेलीकॉप्टर से पहुंचकर सभा कर चुकी हैं, ऐसे में उनकी पार्टी को अनुमति न मिलना सवाल खड़े करता है।
सभा स्थल पर सुबह से ही तैयारियां पूरी कर ली गई थीं। पंडाल, मंच और बैठने की व्यवस्था दुरुस्त थी तथा बड़ी संख्या में लोग भी निर्धारित समय पर पहुंचने लगे थे। यह सभा सुबह साढ़े दस बजे शुरू होनी थी, लेकिन दोपहर बाद लगभग साढ़े तीन बजे अनुमति पत्र मिलने के बावजूद कार्यक्रम को रद्द करने का निर्णय लिया गया, क्योंकि तब तक काफी देर हो चुकी थी और आयोजन की समय-सीमा निकल चुकी थी।

इस पूरे मामले को लेकर दानिश अजीज ने आरोप लगाया कि यह एक सुनियोजित राजनीतिक बाधा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल एआईएमआईएम की बढ़ती सक्रियता और जनसमर्थन से घबराए हुए हैं, जिसके चलते इस तरह की प्रशासनिक अड़चनें खड़ी की जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता इस तरह की घटनाओं को समझ रही है और इसका असर आगामी चुनाव में देखने को मिलेगा।
वहीं, इस घटना के बाद स्थानीय राजनीतिक माहौल में भी चर्चा तेज हो गई है। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के समय इस तरह की घटनाएं माहौल को प्रभावित कर सकती हैं और इससे निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
हालांकि, जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक चुप्पी के बीच यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है। फिलहाल, यह स्पष्ट है कि रैली रद्द होने से एआईएमआईएम के चुनाव प्रचार को झटका लगा है, लेकिन पार्टी इसे मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर सकती है।
इस घटनाक्रम ने चुनावी माहौल को और अधिक गरमा दिया है और आने वाले दिनों में इस पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।














Users Today : 23
Users Yesterday : 34