आसनसोल : ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलने के उद्देश्य से पश्चिम बर्दवान जिला प्रशासन ने विकसित भारत जी राम जी परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर गुरुवार को महत्वपूर्ण बैठक की। जिला शासक कार्यालय में आयोजित बैठक की अध्यक्षता जिला शासक ने की। बैठक में राज्य की नगर एवं शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पाल सहित जिले के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में परियोजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ऐसे स्थायी कार्य कराने पर चर्चा हुई, जिनसे भविष्य में समाज और देश को भी लाभ मिल सके। प्रशासन की ओर से जनप्रतिनिधियों को योजना के क्रियान्वयन और प्रस्तावित कार्यों की रूपरेखा से अवगत कराया गया।
125 दिनों के रोजगार की गारंटी
बैठक में बताया गया कि एक अगस्त से पश्चिम बंगाल में विकसित भारत जी राम जी परियोजना की शुरुआत की गई है। इसके अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के कार्य की गारंटी उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासन का जोर केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी परिसंपत्तियां विकसित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा, जो लंबे समय तक स्थानीय लोगों और प्रशासन के लिए उपयोगी साबित हों।
बैठक में रोजगार सृजन के साथ पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण और अन्य सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता देने पर विचार किया गया।
पौधारोपण से रोजगार और पर्यावरण संरक्षण
पांडेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी ने बैठक में पौधारोपण को लेकर विशेष मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत जी राम जी परियोजना के माध्यम से बड़े पैमाने पर पौधारोपण कराया जा सकता है। इससे एक ओर ग्रामीण लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पांडेश्वर विधानसभा क्षेत्र का बड़ा हिस्सा ग्रामीण है और वहां काफी भूमि ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड से संबंधित है। विधायक ने दावा किया कि पौधारोपण के लिए ईसीएल की ओर से आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं मिलने की समस्या सामने आ रही है।
ईसीएल से सहयोग की मांग
जितेंद्र तिवारी ने कहा कि इस विषय को बैठक में जिला शासक के समक्ष उठाया गया है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि ईसीएल प्रबंधन से बातचीत कर पौधारोपण के लिए आवश्यक अनुमति उपलब्ध कराने की पहल की जाए।
उनका कहना था कि यदि ईसीएल अपनी भूमि पर पौधारोपण के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं करा सकता तो उसे स्वयं पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी लेते हुए वहां पौधारोपण करना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों ने रखे सुझाव
बैठक में मंत्री अग्निमित्रा पाल के अलावा पांडेश्वर के विधायक जितेंद्र तिवारी, आसनसोल उत्तर के विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी, जमुड़िया के विधायक डॉ. बिजन मुखर्जी और बाराबनी के विधायक अरिजीत चक्रवर्ती सहित प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारपरक कार्यों को योजना में शामिल करने के सुझाव दिए।
रोजगार के साथ बनेगी उपयोगी संपत्ति
जिला प्रशासन का प्रयास है कि परियोजना के तहत होने वाले कार्य केवल अल्पकालिक रोजगार तक सीमित न रहें। ग्रामीण क्षेत्रों में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक उपयोग की अन्य परिसंपत्तियों के निर्माण से रोजगार के साथ स्थायी विकास को भी बढ़ावा दिया जा सके।
बैठक में इसी सोच के साथ विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। अब प्रशासन और संबंधित संस्थाओं के बीच समन्वय के बाद योजना के तहत विभिन्न कार्यों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
















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