
दुर्गापुर : आसनसोल और बर्नपुर के बाजारों में कीमतों पर नियंत्रण हेतु टास्क फोर्स की कार्रवाई के पश्चात अब दुर्गापुर के बाजारों में भी इसी प्रकार का अभियान चलाया गया। बुधवार प्रातः दुर्गापुर सेन मार्केट तथा बेनाचिति मार्केट में राज्य सरकार के कृषि विभाग द्वारा गठित टास्क फोर्स ने सब्जियों और मछलियों की बढ़ती कीमतों के संबंध में जांच-पड़ताल की। हाल के दिनों में कुछ सब्जियों और मछलियों के मूल्यों में असामान्य वृद्धि की शिकायतें निरंतर मिल रही थीं, जिसके चलते यह अभियान अनिवार्य रूप से संचालित किया गया।

टास्क फोर्स के अधिकारियों ने बाजार का गहन निरीक्षण किया और प्रत्येक विक्रेता से सब्जियों और मछलियों की दरों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने दुकानदारों और उपभोक्ताओं से भी संवाद किया, जिससे मूल्य वृद्धि के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। इस दौरान टास्क फोर्स के सदस्यों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि समान मूल्य पर विक्रेताओं द्वारा समान मात्रा में वस्तुएं दी जा रही हैं या नहीं। इसके साथ ही, विक्रेताओं द्वारा मछलियों की बिक्री में तौल की पारदर्शिता के लिए इलेक्ट्रिक मशीनों की जाँच भी की गई, जिससे कोई भी उपभोक्ता तौल में असमानता का शिकार न बने।

इस निरीक्षण के दौरान, टास्क फोर्स के सदस्यों को एक मछली विक्रेता की इलेक्ट्रिक तौल मशीन पर संदेह हुआ, जो कि मानकों के अनुरूप नहीं प्रतीत हो रही थी। परिणामस्वरूप, अधिकारियों ने उस विक्रेता को उसकी इलेक्ट्रिक मशीन को तत्काल सरकारी कार्यालय में जमा करने का आदेश दिया। इस कार्रवाई के कारण बाजार में हलचल मच गई और व्यापारी वर्ग में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई। कई व्यापारियों ने इस जांच को अनुचित बताया, जबकि अन्य विक्रेताओं ने सहयोगात्मक रुख अपनाते हुए टास्क फोर्स का समर्थन किया।
इस अभियान में डिप्टी मजिस्ट्रेट सती दत्ता और कृषि विभाग के सहायक निदेशक दिलीप कुमार मंडल के साथ-साथ स्थानीय पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी सम्मिलित थे, जिन्होंने पूरे अभियान को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में भी इस प्रकार की शिकायतें मिलती हैं तो इसी तरह का कड़ा कदम उठाया जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान केवल मौजूदा मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि भविष्य में इसी प्रकार की अप्रत्याशित मूल्यवृद्धि से बचने के लिए नियमित निगरानी का हिस्सा भी है। इसके माध्यम से राज्य सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि किसी भी प्रकार की अनुचित मुनाफाखोरी या उपभोक्ताओं के साथ तौल के खेल को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।















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