
अंडाल : तृणमूल कांग्रेस के मदनपुर पंचायत प्रमुख और युवा तृणमूल के जिला अध्यक्ष पार्थ देवाशीष के खिलाफ तोलाबाजी और आर्थिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए दीवारों और लैंप पोस्ट पर पोस्टर चिपकाए गए। इस घटना ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पोस्टरों में दावा किया गया है कि पार्थ देवाशीष ने अपने 10-12 साल के राजनीतिक जीवन में अपार संपत्ति अर्जित की है।
पोस्टर में लगाए गए आरोप
पोस्टरों के अनुसार, पार्थ देवाशीष पहले साधारण कच्चे मकान में रहते थे और साइकिल से इलाके में घूमते थे। अब वह 80 लाख रुपये के भव्य मकान में रहते हैं और उनके पास दो लग्जरी वाहन हैं। आरोप है कि मदनपुर के बालू घाटों से अवैध खनन और बालू की तस्करी के जरिए उन्हें भारी मात्रा में मासिक धनराशि प्राप्त होती है।

इसके अतिरिक्त, टॉपलाइन चिताडांगा क्षेत्र की छोटी फैक्ट्रियों से वसूली का पैसा उनके पास पहुंचता है। पोस्टरों में उनके नाम पर कई बेशकीमती जमीनों के स्वामित्व का भी जिक्र है और सवाल उठाए गए हैं कि यह संपत्ति उन्होंने कैसे अर्जित की। पोस्टर में यह भी आरोप है कि वह पंचायत प्रमुख होते हुए भी ठेकेदारी का कार्य करते हैं।
नेताओं की प्रतिक्रिया
पार्थ देवाशीष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह सब बेबुनियाद और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी संगठन का जिला अध्यक्ष हूं और जनता के वोट से निर्वाचित पंचायत प्रमुख हूं। मेरा काम क्षेत्र के विकास और सेवा करना है। यह पोस्टर विपक्षियों की साजिश है।”

पार्टी और विपक्ष की राय
तृणमूल के अंडाल ब्लॉक अध्यक्ष कालोबरण मंडल ने पार्थ देवाशीष का समर्थन करते हुए कहा कि यह ईर्ष्या के चलते रची गई साजिश है और संभवतः विपक्षी दलों का काम है।
वहीं, भाजपा के जिला नेता छोटन चक्रवर्ती ने तृणमूल को भ्रष्टाचार समर्थक करार देते हुए कहा कि पोस्टरों में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तृणमूल नेता जनता की सेवा के नाम पर अपनी संपत्ति बढ़ाने में जुटे हैं।
इस पोस्टर विवाद ने क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गरमा दिया है और लोग जांच की मांग कर रहे हैं।















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