
आसनसोल : शिल्पांचल क्षेत्र में बालू और भूमि माफियाओं की बढ़ती गतिविधियों ने प्रशासन के समक्ष गंभीर चुनौती उत्पन्न कर दी है। बीते दो वर्षों के दौरान इन माफियाओं की धृष्टता ने कई बार कानून-व्यवस्था को धता बताया है। दो वर्ष पूर्व एक प्रमुख भूमि कारोबारी अरविंद भगत की हत्या ने इस समस्या को और उजागर कर दिया था। उस समय आरोप था कि बाहरी राज्यों से अपराधियों को बुलाकर इस हत्या को अंजाम दिया गया। हत्या के पीछे ज़मीन माफियाओं की साजिश की बात कही गई थी। हालांकि, इस हत्या की जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
हालिया मालदह हत्याकांड से सबक लेते हुए आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट ने माफियाओं की गतिविधियों पर रोकथाम के लिए कठोर कार्रवाई प्रारंभ की है। इसके तहत आसनसोल के तीन प्रमुख तृणमूल नेताओं को पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है। इनमें तृणमूल राज्य समिति के सदस्य एवं नगर निगम पार्षद अशोक रुद्र, जिला परिषद उपाध्यक्ष विष्णुदेव नुनिया, तथा जिला परिषद सदस्य रामकृष्ण घोष शामिल हैं।

माफियाओं की गतिविधियां और प्रशासनिक रुख
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिल्पांचल में माफियाओं की सक्रियता पिछले कुछ वर्षों में चिंता का प्रमुख कारण रही है। कोयला माफियाओं का एक वर्ग अब भूमि और बालू के अवैध कारोबार में भी संलग्न हो गया है। नवंबर 2022 में चित्रा मोड़ पर हुई दो हत्याएं तथा डामरा में तृणमूल कार्यकर्ता की मौत ने क्षेत्र में व्याप्त अपराध की स्थिति को उजागर किया।

तृणमूल पार्षद अशोक रुद्र ने उस समय स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अवैध बालू खनन के विरुद्ध आंदोलन का नेतृत्व किया था। इस आंदोलन में स्थानीय भाजपा विधायक अग्निमित्रा पाल ने भी भाग लिया।
मालदह हत्याकांड और सुरक्षा का पुनः प्रावधान
हाल ही में मालदह जिले में तृणमूल उपाध्यक्ष दुलाल सरकार उर्फ बाबला की हत्या ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। इस हत्याकांड में पार्टी के ही टाउन अध्यक्ष नरेंद्रनाथ तिवारी की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। इसके बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर राज्य भर में भूमि और बालू माफियाओं पर सख्त कार्रवाई शुरू की गई।
आसनसोल में माफियाओं की गतिविधियों पर लगाम लगाने हेतु पुलिस सुरक्षा पुनः सुदृढ़ की जा रही है। पार्षद अशोक रुद्र ने सुरक्षा प्रदान किए जाने पर कहा, “नवंबर 2022 में मेरी सुरक्षा वापस ले ली गई थी और अब इसे फिर से बहाल किया गया है। मुझे समझ नहीं आता कि पहले सुरक्षा क्यों हटाई गई और अब क्यों दी जा रही है।”
प्रशासनिक निर्देश और प्रयास
राज्य सरकार ने आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र में अपराध और माफियाओं की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश पुलिस को दिया है। हालिया घटनाओं के मद्देनजर, पुलिस अब इन गतिविधियों को जड़ से समाप्त करने हेतु तत्पर है।















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