
आसनसोल : शहर के कोर्ट मोड़ क्षेत्र में शुक्रवार को आईडीबीआई बैंक ने लोन चुकाने में विफल रहने पर एक मकान को अपने अधिकार में ले लिया। यह कार्रवाई अदालत के आदेश पर सरफेसी अधिनियम के तहत की गई। बैंक अधिकारियों, अदालत द्वारा नियुक्त रिसीवर और पुलिस बल की उपस्थिति में संपत्ति को जब्त किया गया।
घटना के दौरान बैंक के रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी और वकील सुदीप्त घटक मौजूद थे। पुलिस की सतर्कता से घटनास्थल पर उत्पन्न हल्की अस्थिरता को तुरंत नियंत्रित कर लिया गया। वकील सुदीप्त घटक ने जानकारी दी कि रितेश अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, प्रियंका अग्रवाल, विकास अग्रवाल और पुष्पा अग्रवाल ने आईडीबीआई बैंक से कर्ज लिया था। समय पर ऋण चुकता न करने के कारण लोन की राशि बढ़कर 2 करोड़ 10 लाख 82 हजार रुपए हो गई।

लोन रिकवरी में देरी और चूक के चलते बैंक ने अदालत का सहारा लिया। सीजेएम अदालत के निर्देश पर, बैंक ने पुलिस और अदालत द्वारा नियुक्त रिसीवर की मौजूदगी में संपत्ति को अपने कब्जे में लिया। यह संपत्ति बैंक के पास पहले से ही मॉर्टगेज थी।
बैंक अधिकारियों ने बताया कि ऋणदाताओं को कई बार भुगतान करने की याद दिलाई गई, परंतु जवाब संतोषजनक नहीं मिला। अंततः, कानून के दायरे में यह कार्रवाई आवश्यक हो गई। कोर्ट के आदेश के तहत, बैंक ने इस संपत्ति को अपने नाम किया।
यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और लोगों को लोन चुकाने की गंभीरता का अहसास करा रही है। बैंक ने स्पष्ट किया कि वे ऋण वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करते रहेंगे।
















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