
आसनसोल : स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर आसनसोल रामकृष्ण मिशन में गुरुवार को भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई, जिसके बाद एक प्रभात फेरी निकाली गई। इसमें रामकृष्ण मिशन से जुड़े साधक, शिक्षक, विद्यार्थी और समाज के गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
प्रभात फेरी के उपरांत मिशन आश्रम परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले कई आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री मलय घटक, आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी, डिप्टी मेयर अभिजीत घटक, एमएमआईसी गुरुदास चटर्जी, बोरो चेयरमैन अनिर्बान दास और रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सौमात्मानंद महाराज विशेष रूप से उपस्थित थे।

मंत्री मलय घटक ने स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय 1984 में लिया गया था। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन यद्यपि केवल 39 वर्षों का रहा, परंतु उनकी उपलब्धियां अमर हैं। उनके विचार और कार्य भारतीय युवाओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।

मंत्री ने स्वामी विवेकानंद द्वारा अमेरिका के शिकागो में 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में दिए गए ऐतिहासिक भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि उस भाषण ने भारत की आध्यात्मिक शक्ति को समस्त विश्व में प्रतिष्ठित किया। स्वामी विवेकानंद ने “सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका” कहकर अपने संबोधन की जो शुरुआत की, वह आज भी विश्वभर में गूंजती है।

कार्यक्रम के अंत में रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी सौमात्मानंद ने भी स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया और युवाओं से उनके दिखाए मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।















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