
आसनसोल : कुल्टी में पेयजल संकट को लेकर उत्पन्न आंदोलन और असंतोष के बीच पूर्व मेयर और भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र तिवारी द्वारा जिला शासक को लिखे गए पत्र के 24 घंटे के भीतर जिला प्रशासन और सेल ग्रोथ वर्क्स हरकत में आ गए हैं। इस समस्या के समाधान हेतु जिला शासक शीघ्र ही बैठक आयोजित करेंगे।

गत शुक्रवार को जितेंद्र तिवारी ने अपने एक्स हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट कर कुल्टी के ग्राम, इंद्रा कॉलोनी, न्यू कॉलोनी, और अन्य निकटवर्ती क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति बाधित होने पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि सेल ग्रोथ वर्क्स द्वारा इन क्षेत्रों में वर्षों से पेयजल की आपूर्ति की जाती रही है, लेकिन हाल के दिनों में यह आपूर्ति या तो पूरी तरह से बंद कर दी गई है या किसी तकनीकी कारणवश बाधित हो गई है।
इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों में भारी असंतोष पैदा कर दिया है। समस्या के समाधान हेतु कई राजनीतिक दल और स्थानीय लोग आंदोलित हैं, लेकिन अब तक इन आंदोलनों का प्रशासन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। तिवारी ने सुझाव दिया कि जब आंदोलनों से कोई ठोस परिणाम नहीं निकल रहा है, तो स्थानीय लोग और प्रशासन जिला अधिकारी (डीएम) से संपर्क करें।

पूर्व मेयर ने दिए ठोस सुझाव
जितेंद्र तिवारी ने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट पूरे जिले के प्रशासनिक प्रमुख हैं और इस मामले में डीएम के हस्तक्षेप से समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सेल द्वारा पेयजल आपूर्ति को अचानक बंद करना अनुचित है। यह कदम उठाने से पहले सेल को स्थानीय प्रशासन को समय देना चाहिए था ताकि वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके।
आंदोलन और समस्या के मुख्य बिंदु
सेल द्वारा पेयजल आपूर्ति बंद करने से ग्राम, इंद्रा कॉलोनी, और अन्य क्षेत्रों में पीने के पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। इससे नाराज लोग लगातार आंदोलन कर रहे हैं। हालांकि, अब तक जिला प्रशासन या सेल प्रबंधन ने समस्या समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए थे।

प्रशासन और सेल प्रबंधन की सक्रियता
पूर्व मेयर के पत्र के बाद जिला प्रशासन और सेल प्रबंधन ने इस गंभीर मुद्दे पर ध्यान दिया है। जिला शासक द्वारा जल्द ही इस मामले में बैठक आयोजित करने की सूचना है, जिसमें दोनों पक्षों—सेल प्रबंधन और स्थानीय लोगों—के मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
स्थानीय लोगों की उम्मीद
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि डीएम के हस्तक्षेप से पेयजल संकट का समाधान शीघ्र होगा। यह भी अपेक्षा है कि भविष्य में इस प्रकार की समस्याओं से बचने के लिए दीर्घकालिक समाधान तैयार किया जाएगा।
निष्कर्ष
कुल्टी में पेयजल संकट ने एक बार फिर से प्रशासन और औद्योगिक प्रबंधन की जिम्मेदारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह देखना होगा कि डीएम के नेतृत्व में यह समस्या कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से हल होती है।















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