

आसनसोल : स्थानीय गौशाला प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत अमृत महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की भव्य कथा का आयोजन हुआ। कथा प्रारंभ से पूर्व समाजसेवी श्री बाबूलाल अग्रवाल, प्रमोद चौधरी, विश्वनाथ दुकनिया, घनश्याम जालान और सुनील मुकीम ने नारियल फोड़कर विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे गुरुदेव यशोदानंदन महाराज ने समस्त अतिथियों को दुपट्टा ओढ़ाकर आशीर्वाद प्रदान किया।
मुख्य यजमान आनंद-सुष्मिता पारीक, शंकर-सुमन शर्मा, नरेश अग्रवाल, सिंपल-सुजीत गुप्ता, आनंद अग्रवाल और कमल शर्मा ने आरती में भाग लिया। इसके उपरांत गुरुदेव ने श्रीकृष्ण अवतार की महिमा का वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने बताया कि जब पृथ्वी पर कंस के अत्याचार, धर्म का अपमान, संतों के अपमान और बाल हत्याओं ने चरम सीमा पार कर ली, तब पृथ्वी ने त्राहिमाम कर देवताओं से प्रार्थना की। भगवान विष्णु ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि वे स्वयं अवतार लेकर पापियों का नाश करेंगे और धर्म की पुनर्स्थापना करेंगे।

गुरुदेव ने कंस को समाज में व्याप्त बुराइयों का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आज दहेज प्रथा रूपी कंस हमारी बहन-बेटियों के जीवन को नरक बना रहा है। दहेज के कारण बेटियां प्रताड़ित हो रही हैं और कुछ तो जीवन समाप्त करने तक मजबूर हो रही हैं। जब तक समाज से इस कंस का अंत नहीं होगा, तब तक देवकी की तरह माताओं के आंसू बहते रहेंगे।

कथा में दूर-दूर से आए श्रद्धालु उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का आनंद लिया। गुरुदेव ने उपस्थित भक्तों को अपने जीवन में धर्म और सत्कर्म अपनाने का संदेश दिया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।















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