
आसनसोल : देशभर के विभिन्न रेलवे मंडलों की भांति आसनसोल रेल मंडल में भी रेलवे की जमीनों पर विभिन्न परियोजनाओं को क्रियान्वित करने की योजनाएं बनाई जा रही हैं, किंतु उन पर वर्षों से रह रहे लोगों द्वारा अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। इस संदर्भ में, आसनसोल रेलवे डिवीजन के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) चेतनानंद सिंह ने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान अपनी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी।
डीआरएम सिंह ने कहा कि वर्तमान में रेलवे की स्थिति पूर्व की भांति नहीं है। उन्होंने स्वीकार किया कि रेलवे क्वार्टरों एवं परिसंपत्तियों का समुचित रखरखाव संभव नहीं हो पाया, जिसका प्रमुख कारण वित्तीय संसाधनों की कमी थी। इस स्थिति के कारण कई स्थानों पर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग अस्थायी रूप से बसने लगे, क्योंकि उस समय रेलवे को उन भूमियों की आवश्यकता नहीं थी। इसलिए रेलवे ने इन्हें हटाने की आवश्यकता नहीं समझी।
उन्होंने उदाहरणस्वरूप दुर्गापुर रेलवे स्टेशन का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां गुड्स शेड (मालगोदाम) भी स्थित है, जिससे व्यापक पैमाने पर माल परिवहन किया जाता है। वर्तमान में दुर्गापुर स्टेशन से अधिक ट्रेनों के संचालन की मांग उठ रही है, किंतु स्थान की कमी एक प्रमुख बाधा बनी हुई है। ऐसे में रेलवे अब स्थानीय प्रशासन एवं अतिक्रमणकारियों के साथ संवाद स्थापित कर रेलवे की जमीन को पुनः अपने विकास कार्यों हेतु प्रयोग में लाने की योजना बना रहा है।
डीआरएम ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे किसी पर जबरन कार्रवाई नहीं करेगा। प्रत्येक विवादित स्थल पर बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा, किंतु रेलवे की विकास योजनाओं को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे की ये परियोजनाएं केवल रेलवे के लिए ही नहीं, अपितु देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

रेलवे सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रेस वार्ता में डीआरएम ने रेल बजट के पश्चात यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने की बात कही। उन्होंने अंडाल रेलवे स्टेशन का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए कहा कि रेलवे ट्रेनों एवं स्टेशन परिसरों में सिलेंडर के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा चुका है। इसके लिए रेलवे मंत्रालय द्वारा कठोर नियम लागू किए गए हैं, जिससे रेल परिसरों में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि, अंडाल रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के समीप कई अस्थायी भोजनालयों में सिलेंडरों का उपयोग किया जा रहा है, जो बेहद खतरनाक है और कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि रेलवे प्रशासन इसे किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेगा, क्योंकि इससे यात्रियों की सुरक्षा को प्रत्यक्ष खतरा उत्पन्न हो रहा है।

डीआरएम ने कहा कि इस मामले में जल्द ही कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि रेलवे स्टेशन के निकट सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन हो। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन यात्री हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है और सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।
रेलवे की इन घोषणाओं के बाद अब देखना होगा कि प्रशासन अतिक्रमण और सुरक्षा मामलों में कितनी तीव्रता से कार्रवाई करता है और किस प्रकार रेलवे की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है।















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