आसनसोल : लोकसभा चुनाव के उपरांत भाजपा पहले ही बैकफुट पर है, वहीं अब पार्टी के भीतर उठ रहे मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ताजा घटनाक्रम में भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मदन चौबे द्वारा किए गए एक सोशल मीडिया पोस्ट से राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

मदन चौबे ने अपने पोस्ट में लिखा कि आसनसोल में भाजपा के हिंदीभाषी नेताओं को अपमानित करने वालों पर अविलंब कार्रवाई होनी चाहिए। उनके इस बयान ने न केवल भाजपा की आंतरिक राजनीति को उजागर कर दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं भी आने लगीं। लगातार लोग इस मुद्दे पर कमेंट कर रहे हैं और इस बयान की पृष्ठभूमि को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर यह टिप्पणी किसने की और किस संदर्भ में की गई। मदन चौबे से संपर्क करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन उनसे कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। इस विवाद के चलते भाजपा के भीतर गुटबाजी पुनः सतह पर आ गई है, जिससे संगठन के अंदर व्याप्त अंतर्विरोध खुलकर सामने आने लगे हैं।
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया में प्रतिक्रिया स्वरूप कई लोगों ने भाजपा नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कुछ टिप्पणियों में भाजपा नेताओं पर सत्ताधारी दल के नेताओं के साथ मिलीभगत कर अवैध वसूली करने तक के आरोप लगाए गए।

यह विवाद भाजपा के लिए न केवल संगठनात्मक चुनौती बन गया है, बल्कि इससे पार्टी की छवि को भी गहरी क्षति पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना यह होगा कि भाजपा इस मुद्दे को कैसे संभालती है और पार्टी के भीतर बढ़ रही अंतर्कलह को किस प्रकार शांत किया जाता है।















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