
आसनसोल : इस्माइल इलाके में मंगलवार को पीएचई वेलफेयर कांट्रैक्टर्स एसोसिएशन की ओर से एक प्रेस मीट आयोजित की गई, जिसमें जलापूर्ति से जुड़े ठेकेदारों ने अपने बकाया भुगतान को लेकर गंभीर चिंता जताई। ठेकेदारों का कहना है कि अगस्त 2023 से उनका भुगतान नहीं हुआ है, जिसकी कुल राशि लगभग 500 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
वेतन न मिलने से कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं
ठेकेदार मृत्युंजय मुखर्जी और दिलीप समेत अन्य सदस्यों ने बताया कि भुगतान न मिलने के कारण वे अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पा रहे हैं। अगर यह स्थिति बनी रही, तो भविष्य में कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं, जिससे पानी की आपूर्ति पर भारी असर पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन परियोजना केंद्र सरकार की योजना है, जिसमें राज्य सरकार की भी हिस्सेदारी होती है। लेकिन न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार की ओर से कोई राशि जारी की जा रही है। इस कारण ठेकेदार न तो कर्मचारियों को वेतन दे पा रहे हैं और न ही नए कार्यों को पूरा कर पा रहे हैं।
सड़कों की मरम्मत का भी नहीं मिला भुगतान
ठेकेदारों ने बताया कि जलापूर्ति लाइनों के लिए सड़कों की खुदाई की गई थी और उनकी मरम्मत की जिम्मेदारी भी उन्हीं की थी। लेकिन इसके लिए भी उन्हें कोई भुगतान नहीं किया गया। ऐसे में उनके लिए आगे काम करना मुश्किल हो गया है।

पीएचई विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर ने भी मानी वित्तीय समस्या
इस संबंध में पीएचई विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर संदीप कुमार कुंडू ने भी माना कि ठेकेदारों का भुगतान अटका हुआ है और इससे ठेका कर्मचारियों के वेतन में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में 68% काम पूरा हो चुका है, लेकिन वित्तीय संकट के कारण बाकी काम प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि अगर जल्द ही बकाया राशि जारी नहीं की गई, तो ठेका कर्मचारी हड़ताल पर जा सकते हैं, जिससे जलापूर्ति बाधित हो सकती है। इस स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और समाधान की प्रक्रिया जारी है।















Users Today : 44
Users Yesterday : 14