
आसनसोल : 23 मार्च 1931 को ब्रिटिश हुकूमत द्वारा क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी पर लटका दिया गया था। उनके शहादत दिवस के अवसर पर आज आसनसोल के भगत सिंह मोड़ स्थित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर राज्य के मंत्री मलय घटक, आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी तथा बर्नपुर नौजवान कमेटी के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री मलय घटक ने कहा कि भगत सिंह का बलिदान देश की स्वतंत्रता संग्राम का स्वर्णिम अध्याय है। मात्र 24 वर्ष की आयु में उन्होंने मातृभूमि की स्वतंत्रता हेतु अपने प्राणों की आहुति दे दी। उन्होंने युवाओं को भगत सिंह के विचारों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण के लिए समर्पित होने का आह्वान किया।

नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने भी भगत सिंह के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भगत सिंह न केवल भारत, बल्कि संपूर्ण विश्व के युवाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। उनका विचारधारात्मक संघर्ष और बलिदान स्वतंत्रता आंदोलन का अमिट अध्याय है।

इस अवसर पर बर्नपुर नौजवान कमेटी के सदस्यों ने भी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के बलिदान को याद करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्र के प्रति समर्पण और निडरता का जो आदर्श भगत सिंह ने प्रस्तुत किया, वही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान क्रांतिकारी नारों से वातावरण गूंज उठा। उपस्थित जनों ने भगत सिंह के सिद्धांतों को आत्मसात करने और देश की एकता व अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।















Users Today : 12
Users Yesterday : 23