

दुर्गापुर : पश्चिम बंगाल में 26,000 शिक्षकों की बर्खास्तगी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को दुर्गापुर में एक विशाल विरोध रैली का आयोजन किया। यह मिचिल (मार्च) सिटी सेंटर स्थित सिद्धू-कान्हू स्टेडियम से आरंभ होकर बस स्टैंड मार्ग होते हुए एडीडीए कार्यालय के समक्ष समाप्त हुआ। मार्च के समापन पर एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें पार्टी नेताओं ने शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की।


इस विरोध रैली में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के अलावा, बड़ी संख्या में कॉलेजों के छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। रैली के दौरान गगनभेदी नारों और पोस्टरों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया।

सभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस के पश्चिम बर्धमान जिला अध्यक्ष नरेंद्रनाथ चक्रवर्ती ने कहा, “26,000 शिक्षक-शिक्षिकाएं, जो वर्षों से शिक्षा सेवा में कार्यरत थे, उन्हें एक झटके में बर्खास्त कर देना अन्यायपूर्ण है। यह केवल शिक्षकों पर नहीं, बल्कि उनके पूरे परिवार पर आघात है। हम इस निर्णय का विरोध करते हैं और चाहते हैं कि राज्य सरकार व न्यायपालिका इस पर पुनर्विचार करें।”

तृणमूल युवा कांग्रेस के अध्यक्ष पार्थ देवासी ने अपने संबोधन में कहा, “युवा वर्ग और छात्र समुदाय इस अन्याय को चुपचाप नहीं देख सकता। यह केवल नौकरी का सवाल नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की गरिमा का मुद्दा है।”

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बर्खास्त शिक्षकों को शीघ्र न्याय नहीं मिला, तो राज्य भर में और भी व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा। तृणमूल कांग्रेस ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने शिक्षकों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी स्तर पर उनके अधिकारों की रक्षा करेगी।














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