
आसनसोल : केंद्र सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों में पारित कराए गए वक्फ संशोधन विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून का रूप दे दिया गया है। इस कानून के खिलाफ देशभर में मुस्लिम समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी क्रम में शुक्रवार को आसनसोल के इस्माइल षष्टीनगर स्थित कुलसुम मस्जिद परिसर में भी विरोध दर्ज किया गया।

दोपहर की नमाज के पश्चात बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिद परिसर में एकत्रित हुए और वक्फ संशोधन कानून के विरुद्ध शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर मस्जिद के इमाम समीम साहब ने कहा कि यह कानून न केवल मुस्लिम समाज के हितों के विरुद्ध है, बल्कि भारतीय संविधान की आत्मा का भी उल्लंघन करता है।

उन्होंने कहा, “संविधान सभी धर्मों और समुदायों को समान अधिकार देता है, लेकिन यह कानून उस समानता के सिद्धांत के विपरीत है। मुस्लिम समाज ने इस कानून के विरुद्ध अनेक बार अपनी बात लोकतांत्रिक माध्यमों से केंद्र सरकार तक पहुँचाई, लेकिन सरकार ने इसे नजरअंदाज कर बहुमत के बल पर इसे दोनों सदनों से पारित करा लिया।”

इमाम समीम साहब ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समाज इस ‘काले कानून’ को स्वीकार नहीं करता और तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक इसे वापस नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि यह कानून वक्फ संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन के मूलभूत अधिकारों को छीनने का प्रयास है, जो समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर आघात करता है।

इस प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों ने हाथों में विरोध के पोस्टर लिए और सरकार से अपील की कि इस कानून को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए। प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा।














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