

आसनसोल : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में 26 निर्दोष हिंदू पर्यटकों की नृशंस हत्या ने सम्पूर्ण देश को शोकाकुल और आक्रोशित कर दिया है। इस जघन्य कृत्य के विरोध में पश्चिम बर्धमान के बाराबनी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सलानपुर में तृणमूल कांग्रेस द्वारा मौन जुलूस और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
आमडांगा मोड़ से डाबर मोड़ तक आयोजित इस मौन जुलूस में सैकड़ों तृणमूल कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। डाबर मोड़ पर आयोजित सभा में मृतकों की स्मृति में मोमबत्ती प्रज्वलन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग उठाई गई।
इस अवसर पर सलानपुर ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष मोहम्मद आरमान, सह-अध्यक्ष भोला सिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। सभा को संबोधित करते हुए मोहम्मद आरमान ने कहा, “पहलगाम का यह नरसंहार मानवता पर एक गहरा कलंक है। दोषियों को अविलंब गिरफ्तार कर फांसी की सजा दी जानी चाहिए।”

उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के शासनकाल में आतंकी हमलों की संख्या में खतरनाक वृद्धि हुई है। आरमान ने आरोप लगाया कि 2014 से अब तक लगभग 37 बड़े आतंकी हमले हुए हैं, जो सरकार की विफल नीतियों का परिणाम है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, “नोटबंदी के समय प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि आतंकवाद की कमर तोड़ दी गई है, लेकिन आज भी हम पहलगाम जैसी हृदयविदारक घटनाएं देख रहे हैं।”
सभा में वक्ताओं ने सरकार से आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता (जीरो टॉलरेंस) नीति अपनाने और कठोर कदम उठाने की मांग की। स्थानीय नागरिकों ने भी शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया।

ज्ञात हो कि 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरण घाटी में आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलीबारी कर 26 लोगों की हत्या कर दी थी और 20 से अधिक घायल हो गए थे। जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संबद्ध ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) का हाथ बताया है।

सलानपुर में तृणमूल कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन आतंकवाद के खिलाफ एकजुट प्रतिकार का प्रतीक बनकर सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में व्यापक प्रतिक्रिया उत्पन्न की है।














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