आसनसोल : नगर निगम की आगामी बैठक हेतु तृणमूल पार्षदों द्वारा प्रस्तावित मुद्दों को भाजपा और कांग्रेस का समर्थन
आसनसोल। आसनसोल नगर निगम की महत्वपूर्ण बोर्ड बैठक आगामी 13 नवंबर को निर्धारित है, जिसमें नगर निगम से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के लिए तृणमूल कांग्रेस के पार्षद रणवीर सिंह भरारा उर्फ जीतू सिंह द्वारा विभिन्न मुद्दों की सूची अध्यक्ष को भेजी गई है। इस सूची में भारतीय जनता पार्टी के पार्षद गौरव गुप्ता और कांग्रेस के पार्षद गुलाम सरवर ने भी समर्थन स्वरूप हस्ताक्षर किए हैं, जो स्थानीय राजनीतिक माहौल में विशेष चर्चाओं का कारण बन रहा है।
इस प्रस्तावित सूची में कुल छह मुद्दों पर चर्चा की अनुमति मांगी गई है। इनमें लेखा समिति और लोक निर्माण विभाग समिति से संबंधित विषयों के साथ ही सिख (पंजाबी) अकादमी हेतु धन आवंटन का मुद्दा शामिल है। इसके अलावा, नगर निगम के विवादास्पद बिलों के भुगतान, निगम के सभी बैंक खातों की विस्तृत जानकारी, सैंक्शन प्लान का रिफंड तथा अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया जाना प्रस्तावित है। पार्षद जीतू सिंह ने चेयरमैन को पत्र लिखकर इन मुद्दों को बोर्ड बैठक के एजेंडा में शामिल करने की मांग की है।
यह गठबंधन इस पृष्ठभूमि में उल्लेखनीय है, क्योंकि सामान्यतः तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक वैचारिक मतभेद रहते हैं। लेकिन इस बार तृणमूल के मुद्दों पर भाजपा और कांग्रेस के समर्थन ने राजनीतिक विश्लेषकों और आम जनमानस में व्यापक चर्चाओं को जन्म दिया है।
राजनीतिक गलियारों में यह समर्थन इस परिप्रेक्ष्य में भी महत्त्वपूर्ण बन गया है कि हाल ही में तृणमूल के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने राज्य के सभी नगर निकायों में आवश्यक परिवर्तनों का संकेत दिया था। इसके बाद से आसनसोल में यह घटनाक्रम कई नए राजनीतिक सवालों को जन्म दे रहा है।
इस परिदृश्य में आसनसोल नगर निगम की इस आगामी बैठक को लेकर अनेक कयास लगाए जा रहे हैं, क्योंकि तीनों प्रमुख दलों के पार्षदों का एक ही पक्ष में खड़ा होना स्थानीय राजनीतिक समीकरणों में किसी संभावित परिवर्तन की ओर संकेत करता है। अब यह देखना रोचक होगा कि इस बैठक में होने वाली चर्चाओं और निर्णयों का आने वाले समय में नगर निगम और स्थानीय राजनीति पर किस प्रकार का प्रभाव पड़ता है।















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