
रानीगंज : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पर कथित विवादित टिप्पणी के खिलाफ पूरे देश में विरोध प्रदर्शन जारी है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। रानीगंज के तारबांग्ला मोड़ पर तृणमूल कांग्रेस के शहर अध्यक्ष रूपेश यादव के नेतृत्व में गृह मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और उनका पुतला फूंका गया।
इस अवसर पर रूपेश यादव ने कहा कि जो भी संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर के खिलाफ बयान देगा, उसे भारत में रहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि इस देश में रहना है तो “अंबेडकर अंबेडकर” कहना होगा।

तृणमूल कांग्रेस के इस बयान और प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के जिला प्रवक्ता और रानीगंज निवासी दिनेश सोनी ने इसे विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि तृणमूल और कांग्रेस जैसी पार्टियां अपने राजनीतिक लाभ के लिए अधूरी जानकारी को तोड़-मरोड़कर जनता के समक्ष प्रस्तुत कर रही हैं।
सोनी ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर के विचारों और उनके योगदान का भाजपा ने हमेशा सम्मान किया है। उन्होंने यह भी कहा कि 1952 के लोकसभा चुनाव और 1953 के उपचुनाव में नेहरू ने बाबा साहब के खिलाफ प्रचार कर उन्हें हराया था। उस समय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अंबेडकर का समर्थन किया था।

उन्होंने तृणमूल और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इन पार्टियों ने बाबा साहब के जीवित रहते और उनके निधन के बाद भी उनके विचारों और योगदान का अपमान किया है। कांग्रेस ने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बाबा साहब की तस्वीर तक नहीं लगाई थी।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि तृणमूल नेताओं को अब बाबा साहब की याद क्यों आ रही है, जबकि भाजपा ने उनसे जुड़े पंचतीर्थ स्थलों का विकास कर उन्हें उचित सम्मान दिया है। उन्होंने तृणमूल और कांग्रेस पर बाबा साहब के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा उनकी विरासत और विचारों का सम्मान करने में हमेशा अग्रणी रही है।















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